फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hyderabad police encounter: what are supreme court guidelines Know all procedure

हैदराबाद कांड: क्या होता है पुलिस एनकाउंटर, जानें कैसे होती है इसकी जांच

Fri, 06 Dec 2019 03:57 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 06 Dec 2019 03:57 PM IST
विज्ञापन
Hyderabad police encounter: what are supreme court guidelines Know all procedure
पुलिस एनकाउंटर - फोटो : ANI

हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। तेलंगाना पुलिस के अनुसार आरोपियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उनपर गोलियां चला दीं। इस मुठभेड़ में चारों आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई।

विज्ञापन



विज्ञापन


तेलंगाना पुलिस द्वारा किए गए इस एनकाउंटर की पूरे देश में चर्चा हो रही है। कई लोगों ने जहां इसपर प्रसन्नता व्यक्त की है वहीं कई लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कम लोगों को पता होता है कि पुलिस द्वारा किए गए किसी भी मुठभेड़ या एनकाउंटर के बाद एक तय प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। इस संबंध में साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक  गाइड लाइन भी जारी की थी। 

कब किया जाता है एनकाउंटर?

अधिकतर एनकाउंटर दो मौकों पर किए जाते हैं। पहला, जब आरोपी या अपराधी के पास घातक शस्त्र हों और वह पुलिस पर हमला कर रहा हो। वहीं दूसरे मामले में आरोपी या अपराधी पुलिस के गिरफ्त से भागने की कोशिश करे। इस दौरान पुलिस के पास गोली चलाने के सिवाय कोई भी उपाय न बचा हो तब पुलिस एनकाउंटर कर सकती है।

पुलिस द्वारा चेतावनी देना जरूरी

Hyderabad police encounter: what are supreme court guidelines Know all procedure
हैदराबाद कांड के आरोपी ढेर - फोटो : PTI

किसी भी अपराधी के खिलाफ घातक हथियारों जैसे बंदूक-बम का प्रयोग करने से पहले पुलिस या सुरक्षाबलों के द्वारा चेतावनी देना जरूरी होता है। इस दौरान पुलिस अपराधी या आरोपी को डराने के लिए हवाई फायर का प्रयोग भी कर सकती है। इसके बाद भी अगर वह नहीं रुकता है तब पुलिस उसके ऊपर फायर कर सकती है। शुरूआत में पुलिस को कमर के नीचे गोली चलाना जरूरी होता है। लेकिन, अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर निकल जाए तो कमर के ऊपर भी गोली मारी जा सकती है।

एनकाउंटर की जांच जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में पुलिस एनकाउंटरों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया था। पुलिस मुठभेड़ के सभी मामलों की जांच सीबीआई या सीआईडी जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।जांच खत्म होने तक इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को प्रमोशन या वीरता पुरस्कार नहीं मिलता।

अदालत के निर्देशों के मुताबिक पुलिस मुठभेड़ के सभी मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) दखल नहीं देगा, जब तक इस बात की पूरी आशंका हो कि एनकाउंटर फर्जी था।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश

Hyderabad police encounter: what are supreme court guidelines Know all procedure
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
  • एनकाउंटर के बाद मामले की एफआईआर दर्ज की जाएगी जो इलाके से संबंधित कोर्ट भेजी जाएगी।
  • जांच राज्य की सीआईडी, दूसरे पुलिस स्टेशन या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाएगी जो पूरी तरह वैज्ञानिक, अच्छी तरह दस्तावेज आधारित और निर्णायक जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।
  • यह जांच पुलिस अधीक्षक रैंक का अधिकारी करेगा।
  • एनकाउंटर से पहले किस तरह पुलिस टीम को जानकारी मिली, ये पुलिस डायरी में दर्ज करना होगा या किसी डिजिटल फार्म में होगा। अगर किसी हाई अथॉरिटी से सूचना मिली हो तो वो भी दर्ज होना चाहिए।
  • एनकाउंटर में घायल लोगों को जल्द मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  • एनकाउंटर के बाद इसकी मजिस्ट्रेट स्तर की जांच कराई जाए। यह रिपोर्ट इलाके के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को भेजी जाएगी।
  • एनकाउंटर में इस्तेमाल हथियारों को पुलिस टीम सील करेगी और जांच के लिए फोरेंसिक और बैलेस्टिक लैब भेजेगी।
  • मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम के लिए दो डॉक्टरों की टीम होगी और हो सके तो एक जिला अस्पताल का प्रमुख डॉक्टर हो।
  • जब तक जांच पूरी नहीं होती, एनकाउंटर में शामिल पुलिस टीम को बारी से पहले प्रमोशन नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed