फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal TMC Leader Abhishek Banerjee Alleges Election Commission Conduct Was Biased During Bengal Election

West Bengal: अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला, कहा ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में करेंगे लोकतंत्र की रक्षा

Sat, 09 May 2026 01:53 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 09 May 2026 01:53 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में चुनावों के साथ मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण हो चुका है। इस चुनाव में टीएमसी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। अब इसी पर टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी का बयान भी सामने आया है। 

विज्ञापन
West Bengal TMC Leader Abhishek Banerjee Alleges Election Commission Conduct Was Biased During Bengal Election
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। इसके साथ आज मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हुआ। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के साथ लंबे समय से सत्ता पर राज कर रही है ममता बमर्जी की टीएमसी को उखाड़ फेंका है। सुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हरा कर मुख्यमंत्री की सीट हासिल की। शपथ ग्रहण के बाद टीएमसी के नेता और डायमंड हार्बर सीट से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण बताया है। 

विज्ञापन

चुनाव की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल

उन्होंने लिखा “हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था। लोकतांत्रिक संस्थाएं, जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं। इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।” 

विज्ञापन

आग उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती से लेकर ईवीएम को लाने-ले जाने और उनके रखरखाव से जुड़े आरोपों तक जैसे कि कंट्रोल यूनिट का मेल न खाना, कई ऐसी परेशान करने वाली घटनाएं हुईं, जिनसे लाखों लोगों के मन में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या लोगों के असली जनादेश का सम्मान किया गया है। मैंने पहले ही वोटों की गिनती वाले केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज जारी करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी तरीके से गिनती कराने की मांग की है, ताकि सच लोगों के सामने आ सके और हर शक-शुबहे का जवाब खुले और ईमानदारी से दिया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

चुनावी संस्थाओं ने जनता का भरोसा तोड़ा

आगे उन्होंने टीएमसी की हार से दुखी होकर लिखा, लोकतंत्र तभी ज़िंदा रह सकता है, जब चुनावी संस्थाएं नागरिकों के मन में भरोसा और विश्वास जगाएं। दुर्भाग्य से, हमने जो कुछ देखा है, उसने उस भरोसे को बुरी तरह से तोड़ दिया है। इसके साथ ही, चुनाव के बाद हुई हिंसा, पार्टी दफ्तरों पर हमले, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना और समर्थकों को धमकियां देना-ये सभी बातें एक लोकतांत्रिक समाज में बेहद चिंताजनक और कतई बर्दाश्त न करने वाली हैं। तृणमूल के कई ऐसे कार्यकर्ता और समर्थक हैं, जिन्होंने ज़मीन पर उतरकर दिन-रात मेहनत की, उन पर कथित तौर पर जान-बूझकर हमले किए गए। डर और असुरक्षा के चलते उन्हें अपने घर-बार छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा।

हम दिल्ली और पश्चिम बंगाल दोनों ही जगहों पर एक मज़बूत, मुखर और अपने सिद्धांतों पर अडिग विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे। ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में, लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों व सम्मान के लिए हमारी लड़ाई बिना किसी डर और बिना किसी समझौते के जारी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed