आज कोलकाता में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत के साथ जीतकर दूसरी बार सत्ता में आने वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार शुक्रवार को शपथ लेगी। इस बीच राज्य के पुराने मंत्रियों में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चिंता बढ़ती जा रही हैं।
वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पता नहीं दीदी किसे रखेंगी और किसे नहीं। साथ ही सरकार में शामिल होने पर किसे कौन-सा मंत्रालय मिलेगा? सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के गठन को लेकर दीदी भी काफी दबाव में हैं। अबकी पार्टी के जो 211 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं, उनमें से करीब दो सौ विधायक मंत्री बनने की आस लगाए बैठे हैं। इससे दीदी की चिंता लाजिमी है।
इसके अलावा मंत्रिमंडल के गठन में जिलों के प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाना भी बेहद जरूरी है। हालांकि ममता के एक करीबी नेता का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस को भारी कामयाबी मिलने की वजह से कोई भी नेता अपने पसंदीदा मंत्रालय के लिए दबाव बनाने की स्थिति में नहीं है।
पुराने मंत्रालयों में फेरबदल की संभावना कम
सूत्रों के मुताबिक अमित मित्र, सुब्रत मुखर्जी, पार्थ चटर्जी, फिरहाद हकीम और अरूप विश्वास जैसे नेताओं के पुराने मंत्रालयों में फेरबदल की संभावना बहुत कम है। लेकिन आठ मंत्रियों के चुनाव हारने की वजह से उनकी जगह नए चेहरों को लाना जरूरी है। अहम मंत्रालय पाने की दौड़ में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर है।
ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने वाले शुभेंदु को पहले ही मंत्री बनाने का एलान कर दिया था। उनके बाद वरिष्ठ नेता शोभन देव चटर्जी का नाम है। हालांकि विधायकों की पहली बैठक में ममता ने साफ कहा था कि पहली बार विधायक बनने वाले नेता मंत्री बनने की उम्मीद मत रखें। इसके बावजूद अबकी कई नए विधायक भी मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इनमें अलीपुरदुआर के विधायक सौरव चक्रवर्ती व कुमारग्राम के विधायक जेम्स कुजूर प्रमुख हैं। इसके अलावा कूचबिहार जिले से रवींद्र नाथ विश्वास और उदयन गुहा में से किसी एक को मंत्री बनाए जाने की संभावना है।