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West Bengal Election: बुआ-भतीजा क्या इस बार लगाएंगे पार्टी की नैया पार? भाजपा डाल-डाल तो टीएमसी चल रही पात-पात

Wed, 07 Jan 2026 08:48 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Wed, 07 Jan 2026 08:48 PM IST
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west bengal election will aunt and nephew lead tmc to victory as bjp expands ground campaign
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई (फाइल)
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले के समाचार भारत के टीवी चैनलों और सोशल मीडिया में खूब चल रहे हैं। पश्चिम बंगाल बांग्लादेश से सटा है और भाजपा का नारा है,'बचिते चाइ, बीजेपी ताइ (अस्तित्व के लिए भाजपा चाहिए)'। भाजपा की बंगाल में इस आवाज के खिलाफ 15 साल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटने की लड़ाई लड़ रही हैं।
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भाजपा के नारे के जवाब में ममता बनर्जी ने आवाज दी है कि 'जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला (जितने भी कर लो हमले, बंगाल फिर जीतेगा)।' दोनों दल बंगाल के अस्मिता की आवाज उठाकर चुनाव का समीकरण अपने पक्ष में करने में जुटे हैं। इस बार न तो कोई खेला होबै का नारा चल रहा है और न ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2021 के चुनाव प्रचार की रणति अपनाई है। इस बार की रणनीति में पश्चिम बंगाल के प्रभारी सुनील बंसल की छाप दिखाई दे रही है। भाजपा ने बंदगाल के लोगों में हिन्दुत्व को लेकर बढ़ रहे खतरे को जनता तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। पश्चिम बंगाल के जन-जीवन, उद्योग धंधे, संस्कृति, विकास और बंगाल की परंपरा पर आसन्न खतरे को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया है।
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क्या कहते हैं भाजपा के नेता
पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल कहती हैं, "बंगाल के हालात बहुत खराब है। हिन्दुत्व खतरे में है। बहन, बहू, बेटी और घर की इज्जत सुरक्षित नहीं है। जिहादी पूरे बंगाल में दहशत पैदा कर रहे हैं। यहां मंदिर तोड़े जा रहे हैं और ममता सरकार, बड़े पुलिस अफसर खबर तक नहीं आने देते। इसके साथ बंगाल उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा समेत विकास के हर पैमाने में पिछड़ता चला जा रहा है। बंगाल की महिलाओं, बहन, बेटियों को ममता बनर्जी सरकार से हर महीने मिलने वाले 1000-1200 रुपये नहीं बल्कि अपनी इज्जत प्यारी है। इस बार बंगाल के लोग परिवर्तन चाहते हैं।"


तृणमूल कैसे दे रही जवाब?
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव कहती हैं, "भाजपा मतलब,‘दंगा पार्टी’। क्या पता चुनाव जीतने के लिए जल्द ही बड़ा दंगा करवा दे? दंगा पार्टी चाहे जितना आरोप लगा ले, हिंदू-मुसलमान कर ले, लेकिन 2026 में तृणमूल ही सरकार बनाएगी और ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। भाजपा के पास चेहरा कौन है? तृणमूल वाले सुवेंदु अधिकारी या कौन?" हालांकि सुष्मिता कहती हैं कि 2026 के विधानसभा चुनाव में लड़ाई भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच में ही होगी। इस पिक्चर में न तो कांग्रेस है और न ही वाम दल। तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता कहते हैं कि ममता बनर्जी से बंगाल की अस्मिता की लड़ाई भाजपा नहीं लड़ सकती। ममता सरकार के एक मंत्री का कहना है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल में युवाओं में क्रेज रखते हैं। उनकी यात्रा और जनसभा में भारी भीड़ उमड़ती है। दूसरे ममता बनर्जी का पूरे पश्चिम बंगाल में एक कनेक्ट है।

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भाजपा इस बार अस्तित्व की लड़ाई
पश्चिम बंगाल का 2026 का चुनाव भाजपा और तृणमूल दोनों के लिए अस्तित्व की लड़ाई जैसा है। पश्चिम बंगाल के एक पुराने भाजपा नेता का कहना है कि पिछले 13 साल में हमने पार्टी का संगठन खड़ा किया है। पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी और भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय का कहना है कि गांव-गांव और बूथ स्तर तक भाजपा ने जनता को जोड़ा है। अब पश्चिम बंगाल में 2021, 2016 वाली भाजपा नहीं है। यह 2026 में वहां परिवर्तन लाने वाली भाजपा है। मालवीय कहते हैं कि गृहमंत्री वहां बार-बार बहुमत की सरकार बनाने का दावा ऐसे ही नहीं कर रहे हैं। जमीन पर अब तो साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा के ही  पश्चिम बंगाल के एक पूर्व उपाध्यक्ष कहते हैं कि इस बार न जीते तो अगले 15 साल तक बंगाल में ममता राज रहेगा।

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