लापरवाही: मतदान के बीच लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़, कोरोना वार्ड को बना डाला पोलिंग बूथ
पश्चिम बंगाल के रायगंज में एक कोरोना वार्ड को पोलिंग बूथ में बदलने का मामला सामने आया है। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन ने वार्ड को सैनिटाइज किया।
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कोरोना के बढ़ते मामलो के बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव होना और चुनाव के लिए राजनेताओं की रैली पहले ही बड़ी चिंता का विषय बन चुका है। वहीं पश्चिम बंगाल के रायगंज से एक और बड़ी लापरवाही की खबर सामने आ रही है। आज पश्चिम बंगाल में छठे चरण का मतदान हो रहा है और ऐसे में रायगंज के एक मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड को पोलिंग बूथ में बदलने का मामला सामने आया है।
रायगंज के एक मेडिकल कॉलेज में एक कोविड केयर सेंटर तैयार किया गया था, जिसे बाद में पोलिंग बूथ में तब्दील कर दिया गया। इससे इंदिरा कॉलोनी के स्थानीय लोगों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया।
West Bengal: Locals of Indira Colony in Raiganj staged a protest for converting a COVID19 ward inside Raiganj Medical College premises, into a polling booth.
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"We can't cast our votes there as it's unsafe. We aren't sure if the area has been sanitised" said a protestor. (21.4) pic.twitter.com/ecCCUilJHY— ANI (@ANI) April 21, 2021
प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों का कहना है कि कोविड वार्ड को पोलिंग बूथ में बदलने पर उन्हें कोरोना होने का खतरा बना रह सकता है। लोगों ने कहा कि हम यहां मतदान नहीं दे सकते क्योंकि यह जगह सुरक्षित नहीं है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमें इस बात को लेकर जानकारी नहीं है कि इस वार्ड को सैनिटाइज किया गया है या नहीं।
प्रदर्शनकारी ने आगे कहा कि हम अंदर नहीं जाएंगे, हमारे ऊपर परिवार की भी जिम्मेदारी है। सरकार कोविड-19 के नियमों को लेकर भाषण दे रही है और हमसे ऐसे वार्ड में मतदान करा रही है। हमें मतदान करने के लिए नया पोलिंग बूथ चाहिए। स्थानीय निवासियों ने कई घंटों तक सड़क को ब्लॉक करके रखा। इसके बाद प्रशासन ने बूथ को सैनिटाइज किया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में कोरोना विस्फोट हुआ है, बीते 24 घंटे में राज्य में 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं पांच हजार से ज्यादा मरीज इस वायरस से ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की वजह से 58 लोगों की जान गई है।