{"_id":"5fbb9d258e052b5b94001b56","slug":"west-bengal-assembly-election-2021-tmc-mp-nusrat-jahan-on-love-jihad-says-do-not-make-religion-a-political-tool","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम बंगाल: 'लव जिहाद' पर बोलीं नुसरत जहां; प्यार निजी मामला, इसे राजनीतिक उपकरण न बनाएं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पश्चिम बंगाल: 'लव जिहाद' पर बोलीं नुसरत जहां; प्यार निजी मामला, इसे राजनीतिक उपकरण न बनाएं
Mon, 23 Nov 2020 07:00 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 23 Nov 2020 07:00 PM IST
विज्ञापन
nusrat jahan
- फोटो : instagram
पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने वाला है और उसके लिए अभी से ही दो प्रमुख पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी जहां अभी लव जिहाद के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। वहीं विपक्षी पार्टी टीएमसी भी इस मुद्दे पर हमलावर है।
विज्ञापन
इसी क्रम में सोमवार को टीएमसी सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्यार निजी मामला होता है और ऐसे में उसके साथ जिहाद नहीं हो सकता है। नुसरत ने कहा कि प्यार की आड़ में धर्म को राजनीतिक उपकरण न बनाएं।
विज्ञापन
Love is very personal. Love & jihad don't go hand-in-hand. Just before polls, people come up with topics like this. It is a personal choice who you want to be with. Be in love & start falling in love with each other. Don't make religion a political tool: TMC MP Nusrat Jahan pic.twitter.com/LY5ggaAMXa
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 23, 2020
नुसरत ने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले विरोधी इस तरह के हथकंडे का प्रयोग करते हैं। वहीं राज्यपाल की ओर से लगातार हो रही बयानबाजी पर नुसरत ने कहा कि राज्य सरकार जनता के बीच जाने के बाद चुनकर आई है, जबकि राज्यपाल को राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त किया गया है। ऐसे में उनके पास सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। राजभवन सिर्फ बीजेपी प्रवक्ता का दफ्तर बन गया है।
गौरतलब है कि लव जिहाद को लेकर बीते कुछ दिनों में नेताओं की तरफ से काफी बयानबाजी हुई है, कई भाजपा शासित राज्य इसको लेकर कानून ला रहे हैं। जबकि जहां भाजपा विपक्ष में है, वहां की सरकार से कानून बनाने के लिए आवाज उठा रही है।