फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity

भारतीय कश्मीरी से शादी करना पड़ा महंगा, पहचान के लिए भटक रही है ये महिला

Tue, 30 May 2017 03:36 PM IST
amarujala.com-Presented by- आनंद
amarujala.com-Presented by- आनंद Updated Tue, 30 May 2017 03:36 PM IST
विज्ञापन
Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity
"मैं पाकिस्तानी साइड (पाकिस्तान प्रशासित) के कश्मीर से हूं लेकिन भारत के कश्मीर से आए हिज्बुल मुजाहिदीन के एक मिलिटेंट से मेरी शादी हुई । फिर उमर अब्दुल्लाह सरकार के वक्त 2011 में 'सरेंडर स्कीम' के चक्कर में मेरे पति ने भारत लौटने की जिद की और इनके साथ मैं और हमारे बच्चे भी भारत वाले कश्मीर आ गए।
विज्ञापन


'हमने नहीं बनाया आतंकवादी'

पर अब यहां फंस गए हैं, चाहकर भी वापस उस तरफ वाले कश्मीर में नहीं जा पा रहे हैं। मैं पाकिस्तान की तरफ वाले कश्मीर की सभी औरतों को कहूंगी कि कभी अपना रिश्ता इधर न करें, और अगर अभी है तो उसे फौरन तोड़ दें। सरकार मेरे पति को आतंकवादी मानती है पर हमारा क्या कसूर है। हमने तो इन्हें आतंकवादी नहीं बनाया। हमने तो सिर्फ शादी की और फिर यहां चले आए। हमें बांधकर क्यों रखा है?
विज्ञापन

मौका नहीं मिला

Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity
इन साढ़े पांच सालों में एक बार भी वापस अपने वतन, अपने परिवार के पास जाने का मौका नहीं मिला। इस दौरान मेरे वालिद चल बसे और मुझे एक साल बाद खबर मिली। मेरे जैसी हजारों लड़कियां हैं मुजफ्फराबाद में, जिन्होंने भारतीय कश्मीरियों से शादी की है। आखिर दोनों हिस्से हैं तो एक ही कश्मीर के।

सरेंडर स्कीम

भारत से ये सब कश्मीरी कम उम्र में मिलिटेंट बनने पाकिस्तान आते हैं और फिर कुछ साल में वो सब छोड़कर आम जिंदगी बिताने लगते हैं। मेरे पति भी सब्जी-फल की दुकान लगाने लगे थे। मां-बाप की रजामंदी से हमारी शादी हो गई।

फिर साल 2011 में 'सरेंडर स्कीम' आई और इन्होंने जिद की कि वे अपने मां-बाप, भाई-बहन से मिलना चाहते हैं। मेरे मां-बाप ने बहुत मना किया और कहा कि उन्हें डर है कि वापस आने का रास्ता नहीं मिलेगा। मुझे यकीन नहीं हुआ। मुझे भारत का कश्मीर देखने का बड़ा शौक भी था। तो इनकी बात मान ली।

मुकदमा

Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity
ये चाहते थे कि इनके घरवाले भी मुझसे मिलें, एक शादीशुदा औरत के पास और क्या चारा था। ना कहने से घर टूट सकता था जिससे बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो जाती। हम 10 दिसंबर 2011 को नेपाल के रास्ते से कश्मीर आए।

'सरेंडर स्कीम' में बताए गए चार आधिकारिक रास्तों में ये नहीं था पर उन रास्तों से हमें पाकिस्तानी प्रशासन जाने ही नहीं दे रहा था। यहां भारत के कश्मीर में आने के बाद हमें गिरफ्तार कर लिया गया और गैर-कानूनी तरीके से सीमा पार करने का मुकदमा दायर कर दिया। वो आज भी चल रहा है।


मैं जब यहां आई थी तो सोचा था एक महीने बाद लौट जाउंगी, पर थाने और अदालत के ही चक्कर काट रही हूं। अब तक पहचान का कोई कार्ड नहीं मिला है। जब भी कोई बात उठाते हैं आने-जाने की, पासपोर्ट बनवाने की, तो कह दिया जाता है कि आप गैरकानूनी हैं।

अगर हम इतने ही गैरकानूनी हैं तो हमें वापस क्यों नहीं भेज देते? और सारे मुल्कों में भी तो यही किया जाता है। एक तरफ तो भारत-पाकिस्तान दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, और फिर हम आम जनता को मुकदमों में उलझाया जाता है।
विज्ञापन

भरोसा नहीं

Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity
यहां के लोगों पर भरोसा नहीं होता। यहां सहेलियां हैं पर दिल की बात किसी से नहीं कर पाती हूं। लोगों के चेहरे कुछ और हैं और लगता है कि अंदर से वो कुछ और हैं। साढ़े पांच सालों से हमें लग रहा है कि हमें किसी जेल में बंद कर दिया है।

इस बीच छोटे भाई की शादी हो गई और मुझे पता ही नहीं चला। अभी करीब आठ महीने से इंटरनेट और व्हाट्सऐप के जरिए उस तरफ बात हो जाती है। पर यहां सरकार बार-बार इंटरनेट बंद कर देती है तो उसका भी आसरा नहीं रहता। हर व़क्त यहां हिंसा होती रहती है, हर व़क्त खतरे का अहसास रहता है। टेंशन रहती है।

परिजनों की कमी

Wedding with Indian Kashmiri got expensive, This woman is wandering for identity
खेत में काम करना पड़ता है जो पहले कभी नहीं किया था। भाषा और तौर-तरीके भी अलग हैं। पाकिस्तान में छूट गए परिवार की कमी उन्हें बहुत खलती है। कई और लड़कियां भी हैं जो आजाद कश्मीर से बाहर के देशों में शादी कर जाती हैं पर उन्हें वापस आने में कोई दिक्कत नहीं होती।

हम यही सोचते हैं कि भारत क्यों आए? इन लोगों पर गुस्सा आता है कि क्यों लाए थे? हमें झूठ बोलकर वहां से क्यों ले आए? मन करता है कि इनके साथ (अपने पति के साथ) कुछ ऐसा करूं, ऐसा इलाज करूं कि याद रखें। फिर सोचती हूं कि उससे क्या होगा? सब कुछ बस झूठ ही लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed