Ketan Murder: 'शादी जो होने नहीं वाली', हत्या से पहले सिया ने किसे भेजा था ये मैसेज? पिता ने बेटी का किया बचाव
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक वायरल स्नैपचैट चैट मिली है। चैट में सिया ने हत्या से पहले अपनी दोस्त को एक ऐसा संदेश भेजा था, जिसमें उसने लिखा था कि 'शादी जो होने नहीं वाली है।' जांच एजेंसियां इसे कथित साजिश से जोड़कर देख रही हैं। वहीं, मीडिया के सामने सिया द्वारा कथित तौर पर बीच की उंगली दिखाने के वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए दावा किया है कि उसकी उंगलियों में चोट लगी थी।
विस्तार
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक नया सुराग मिला है। जांच टीम अब मुख्य आरोपी सिया गोयल की वायरल स्नैपचैट चैट की पड़ताल कर रही है। यह चैट 25 मई की बताई जा रही है। इसमें सिया अपनी एक दोस्त से फ्लाइट टिकट बुक कराने के लिए आधार कार्ड के आगे और पीछे (फ्रंट और बैक) की तस्वीर भेजने को कहती है। साथ ही उसने मैसेज में लिखा, 'शादी जो होने नहीं वाली है, उसकी टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे, फिर भी भेज दे।' पुलिस को संदेह है कि यह बातचीत पूरे घटनाक्रम से जुड़ी एक अहम कड़ी हो सकती है।
अंतिम साक्ष्य क्यों नहीं मान रही पुलिस?
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं टिकट बुकिंग सामान्य माहौल दिखाने की कोशिश तो नहीं थी, ताकि बाद में किसी को किसी तरह का शक न हो। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी डिजिटल चैट की कानूनी वैधता फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी, इसलिए फिलहाल इसे अंतिम साक्ष्य नहीं माना जा सकता।
कब हुई थी केतन की हत्या?
उधर, केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल की ओर से दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर उनके बेटे को चट्टान से नीचे धक्का देकर हत्या की। एफआईआर के अनुसार, 18 जून को केतन सिया को लेकर लोहागढ़ फोर्ट गया था। बाद में सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने शुरू से ही घटना को संदिग्ध बताते हुए दोनों पर सुनियोजित साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है।
'बीच की उंगली' दिखाने के आरोप पर पिता की सफाई
केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने शनिवार को मीडिया के सामने बेटी द्वारा कथित तौर पर अशोभनीय इशारा करने के आरोपों पर सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि कानूनी कार्रवाई के दौरान जब पुलिस सिया को घर लेकर आई थी, तब कार का दरवाजा बंद होने के दौरान उसकी उंगलियों में चोट लग गई थी।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
गुरुवार को आईएएनएस द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सिया को पुणे के मार्केट यार्ड इलाके स्थित उसके घर से पुलिस द्वारा जांच के सिलसिले में बाहर ले जाते हुए देखा गया। काली टी-शर्ट पहने और चेहरे को प्रिंटेड स्कार्फ से ढके सिया ने बाहर मौजूद पत्रकारों की ओर देखा और फिर कैमरों की दिशा में अपनी मध्यमा (बीच की) उंगली उठाई। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
किस वजह से सिया ने उठाया था हाथ?
प्रवीण गोयल ने अपने द्वारा जारी वीडियो में कहा कि सिया पर मीडिया को बीच की उंगली दिखाने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनके मुताबिक, कानूनी औपचारिकताओं के दौरान कार के दरवाजे में उसकी दो उंगलियां दब गई थीं। इसी वजह से एक उंगली पर पट्टी बंधी है, दूसरी सूजी हुई है और उसके नाखून भी नीले पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार ने खुद यह चोट देखी है।
पिता ने पुलिस का हवाला दिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सिया के व्यवहार की तीखी आलोचना हुई। कई लोगों ने उसके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए इस कथित इशारे को असंवेदनशील और अनुचित बताया। हालांकि, प्रवीण गोयल ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि किसी को संदेह है तो वह पुलिस से इसकी पुष्टि कर सकता है, क्योंकि उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी और पूरी घटना से परिचित है।
मोबाइल में दिखाई चोट की तस्वीर
प्रवीण गोयल ने अपने मोबाइल फोन में सिया की सूजी हुई उंगली की तस्वीर भी दिखाई। उन्होंने कहा कि तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि उसकी उंगली सूजी हुई है और नाखून नीले पड़ गए हैं। उन्होंने दोहराया कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
कैसे खुला कथित हत्या की साजिश का मामला?
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में कारोबारी केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर हत्या की कथित साजिश रची थी। शुरुआत में सिया ने जांचकर्ताओं को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था और वह दुर्घटनावश खाई में गिर गए। इसी आधार पर पुलिस ने पहले आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज किया था।
कैसे हुई थी गिरफ्तारी?
हालांकि, पूछताछ के दौरान सिया के बयानों और उसके व्यवहार में कई विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद जांचकर्ताओं का संदेह गहराया। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
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