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बेरोजगारी का आलम, महाराष्ट्र के राज्य सचिवालय में कैंटीन के वेटर बने ग्रेजुएट
Sat, 19 Jan 2019 06:48 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 19 Jan 2019 06:48 AM IST
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देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में शुमार महाराष्ट्र में बेरोजगारी का आलम यह है कि स्नातक के अभ्यर्थी कैंटीन के वेटर बनना चाहते हैं, जबकि वेटर पद के लिए शैक्षणिक अर्हता चौथी पास है। हाल ही में मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में कैंटीन वेटर के 13 पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी, जिसमें 7000 लोगों ने आवेदन किया था उनमें से ज्यादातर स्नातक थे।
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एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय कैंटीन में वेटर पदों के लिए हाल ही में 100 अंक की लिखित परीक्षा हुई थी। अधिकारी ने बताया कि परीक्षा की औपचारिकताएं 31 दिसंबर को पूरी हुई और फिलहाल, ज्वायनिंग प्रक्रिया चल रही है। चुने गए 13 उम्मीदवारों में आठ पुरुष और बाकी महिलाएं हैं। जिनमें 12 स्नातक और एक बारहवीं पास है।
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मंत्रालय की कैंटीन में स्नातकों को वेटर के तौर पर नियुक्त किए जाने पर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए विधानपरिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि मंत्रियों और सचिवों को शिक्षित व्यक्तियों की सेवाएं लेने पर शर्म आनी चाहिए। एनसीपी नेता ने कहा कि महज 13 पदों के लिए 7000 आवेदन देश और महाराष्ट्र में रोजगार की स्थिति का स्पष्ट उदाहरण है। यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्नातक इन पदों के लिए चुने गए, जबकि अर्हता चौथी पास की थी।
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