अंतिम यात्रा के दौरान हिंसा, 200 लोगों पर मामला दर्ज, 33 गिरफ्तार
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मुंबई पुलिस ने एक शवयात्रा के दौरान हुई हिंसा के मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से 33 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन पर पुलिस कर्मियों पर हमला करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने का आरोप है।
ये लोग एक व्यक्ति की आत्महत्या से नाराज थे। पुलिस के मुताबिक रैगर समुदाय के पंचाराम रिथाठिया (44) की 17 साल की बेटी कुछ महीने से गायब थी। उसे तलाशने में नाकाम रहने पर व्यथित पंचाराम ने कथित तौर पर ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी।
मंगलवार को चेंबूर इलाके में उनकी शवयात्रा के दौरान नाराज रिश्तेदारों और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और निजी वाहनों को क्षति पहुंचाई। देर रात इस सिलसिले में एफआईआर की गई। घटना में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जीआरपी ने पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज कर लिया है।
आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की बेटी थी सात महीनों से लापता
घटना की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि वह चेंबूर के ठक्कर बप्पा कॉलोनी निवासी था। उसकी बेटी सात महीनों से लापता थी। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने पुलिस में भी लिखवाई थी, लेकिन उसकी बेटी का कहीं कुछ भी पता नहीं चला। जिसके कारण मैं अवसाद में चला गया, उसी कारण मैं आत्महत्या करना जा रहा हूं। इसके साथ ही उसने पुलिस वालों से अनुरोध किया था कि वह मेरी बेटी का पता लगाए और अपहरणकर्ताओं को जल्द से जल्द पकड़ ले। इसके साथ ही उसने लिखा था कि वह खुद को मार रहा था क्योंकि वह अपनी बेटी को न ढूंढ पाने के कारण बहुत दुखी है।