प्रवीण तोगड़िया बोले, मोदी-योगी मिलकर बनाए राम मंदिर
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से राम मंदिर का मसला कोर्ट के बाहर सुलझाने के प्रस्ताव के बाद विश्व हिंदू परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर मंदिर बनाने के लिए दबाव बना रहा है। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में शीघ्र कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करना चाहिए।
विहिप को उम्मीद है कि मोदी और योगी मिलकर करोड़ों हिंदुओं की इच्छा पूरी करेंगे। यही नहीं, विहिप इसके लिए रामनवमी के मौके पर देशभर में पांच हजार जगहों पर राम मंदिर के लिए संकल्प कार्यक्रम करने जा रही है। साथ ही जून में हरिद्वार में भी साधु संतों की बड़ी बैठक का आयोजन किया जाएगा।
साफ है कि विहिप को अब अपने पुराने सपने को पूरा करने की उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोर्ट के बाहर मसले को सुलझाने के प्रस्ताव के बाद उसकी उम्मीद और ज्यादा बढ़ गई है।
राम मंदिर का मुद्दा जनता और प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया है
तोगड़िया ने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा ने संवैधानिक उपाय के जरिये राम मंदिर निर्माण की बात कही थी। इसलिए विहिप ने भी लोकतंत्र के तीनों स्तंभों विधायिका, कार्यपालिका और न्याय पालिका में विधायिका को मंदिर निर्माण के लिए चुना है।
उन्होंने कहा कि अब धर्म संसद ने फैसला ले लिया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून ही एकमात्र विकल्प है। अब धर्म संसद मंदिर निर्माण के विषय पर नहीं होगी। अन्य विषयों पर जरूर होगी। तोगड़िया ने कहा, ‘हमने राम मंदिन का मुद्दा जनता और प्रधानमंत्री पर छोड़ दिया है।’
उन्होंने कहा कि अब अगली धर्म संसद तब बुलाई जाएगी जब मंदिर निर्माण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस तरह से पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मदद से संसद के जरिये सोमनाथ मंदिर बनवाया था। उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का मसला सुलझाना चाहिए।