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विहिप ने मदरसों को आतंक की फैक्ट्री बताया, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की
Fri, 15 Feb 2019 08:52 PM IST
Nilesh Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Fri, 15 Feb 2019 08:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
पुलवामा में हुई आतंकी वारदात को जिस युवक ने अंजाम दिया है, माना जा रहा है कि वह देवबंद की विचारधारा से प्रभावित था। यह तथ्य सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने मदरसों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि पुलवामा में हुआ आतंकी हमला एक स्थानीय युवक के द्वारा किया गया जिसे धर्म के नाम पर जुनूनी बना दिया गया था।
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इस हमले में वह आत्मघाती हमलावर भी मारा गया। इस युवक के एक पहले ही रिकार्ड किए गए वीडियो मैसेज में कहा गया है कि जब तक उसका यह वीडियो लोगों के सामने आएगा, वह जन्नत में पहुंच चुका होगा। पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने इस आतंकी घटना की जिम्मेदारी भी ले ली है। इसी से यह साफ हो जाता है कि नौजवान लोगों को धर्म के नाम पर गुमराह कर भर्ती किया जा रहा है और उनके माध्यम से सबसे घृणित अपराध करवाया जा रहा है।
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विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार शुक्रवार को जंतर-मंतर पर पुलवामा की हिंसात्मक घटना के बाद हुए एक विरोध प्रदर्शन में बोल रहे थे। विहिप के अंतरराष्ट्रीय ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि देवबंद की विचारधारा से ही निकली वहाबी सोच पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गई है। इसने अनेक देशों में शांति भंग करने का काम किया है।
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लाखों मासूम लोगों की जिंदगी खत्म किया है। ऐसे में सरकार को मदरसों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने मदरसों को आधुनिक बनाने का काम किया है, यह एक बेहतरीन कदम है लेकिन जब तक इस समाज का सहयोग नहीं मिलेगा कोई भी अच्छा कदम कारगर नहीं हो सकता।
विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री बचन सिंह ने कहा कि जब सुरक्षा बल आंतकियों पर कोई कार्रवाई करते हैं तो कुछ लोग सेना के विरोध में खड़े हो जाते हैं। सेना को रबर की गोलियां भी नहीं मारने दी जाती हैं जबकि वे सेना पर पत्थर बरसा रहे होते हैं। उन्होंने कहा कि सेना को इस मामले पर खुली छूट मिलनी चाहिए।