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Mark Tully: वरिष्ठ पत्रकार मार्क टुली का निधन, PM मोदी ने जताया दुख
Sun, 25 Jan 2026 04:19 PM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: लव गौर
Updated Sun, 25 Jan 2026 04:19 PM IST
सार
Mark Tully: 24 अक्टूबर, 1935 को कोलकाता में जन्मे और भारत में बीबीसी दिल्ली के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ पत्रकार मार्क टुली का रविवार को निधन हो गया। वह 90 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है।
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मार्क टुली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लंबे समय तक भारत में बीबीसी दिल्ली के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ पत्रकार मार्क टुली का रविवार को 90 साल की उम्र में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। टुली के निधन की पुष्टी उनके दोस्त और पत्रकार सतीश जैकब ने दी। जैकब ने टुली के निधन की जानकारी देते हुए बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और एक सप्ताह से मैक्स अस्पताल में भर्ती थे।
1935 में कलकत्ता में हुआ जन्म
24 अक्टूबर, 1935 को कोलकाता में जन्मे टुली ने 22 वर्षों तक बीबीसी, नई दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्य किया। वे न केवल एक प्रतिष्ठित पत्रकार थे, बल्कि बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम 'समथिंग अंडरस्टुड' के प्रस्तुतकर्ता भी रहे।
ये भी पढ़ें: पद्म पुरस्कारों का एलान, यूपी से चिरंजी लाल यादव, कर्नाटक के अंके गौड़ा समेत 45 को सम्मान
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आपातकाल का विरोध करने पर छोड़ना पड़ा भारत
मार्क टुली ने भारत में हुए कई अहम और बड़े बदलाव के दौरान रिपोर्टिंग की थी। इनमें 1975 में इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने के फैसले की जब मार्क टुली ने आलोचना की तो सरकार ने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दे दिया। जिसके बाद टुली कुछ समय के लिए दोबारा भारत आए। इसी तरह जब 1977 में मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या हुई तो उस समय भी टुली ने अहम रिपोर्टिंग की।
ये भी पढ़ें: ओवैसी के बढ़ते कद से परेशान हैं ये कांग्रेसी नेता, पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा; दे डाली चेतावनी
2005 में मिला पद्म भूषण
मार्क टुली को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई बार सम्मानित किया गया। उन्हें 2002 में नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया और 2005 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से नवाजा गया। लेखक के रूप में टुली ने भारत पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें 'नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया', 'इंडिया इन स्लो मोशन' और 'द हार्ट ऑफ इंडिया' शामिल हैं।
PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
मार्क टुली के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पत्रकारिता जगत की एक सशक्त आवाज, सर मार्क टली के निधन से गहरा दुःख हुआ है। भारत और हमारे देश की जनता के साथ उनका गहरा जुड़ाव उनके कार्यों में झलकता था। उनकी रिपोर्टिंग और अंतर्दृष्टि ने सार्वजनिक चर्चा पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति हमारी संवेदनाएं।
CM ममता ने जताया दुख
मार्क टुली के निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टली के निधन से गहरा दुख हुआ। कलकत्ता में जन्मे पत्रकार ने बीबीसी के लिए भारत को कवर किया और भारत के प्रति अपने प्रेम और स्नेह के लिए वे प्रसिद्ध थे। हम उन्हें अपने ही एक सदस्य के रूप में देखते थे। उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।'
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1935 में कलकत्ता में हुआ जन्म
24 अक्टूबर, 1935 को कोलकाता में जन्मे टुली ने 22 वर्षों तक बीबीसी, नई दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्य किया। वे न केवल एक प्रतिष्ठित पत्रकार थे, बल्कि बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम 'समथिंग अंडरस्टुड' के प्रस्तुतकर्ता भी रहे।
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मार्क टुली ने भारत में हुए कई अहम और बड़े बदलाव के दौरान रिपोर्टिंग की थी। इनमें 1975 में इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने के फैसले की जब मार्क टुली ने आलोचना की तो सरकार ने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दे दिया। जिसके बाद टुली कुछ समय के लिए दोबारा भारत आए। इसी तरह जब 1977 में मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या हुई तो उस समय भी टुली ने अहम रिपोर्टिंग की।
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2005 में मिला पद्म भूषण
मार्क टुली को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई बार सम्मानित किया गया। उन्हें 2002 में नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया और 2005 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से नवाजा गया। लेखक के रूप में टुली ने भारत पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें 'नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया', 'इंडिया इन स्लो मोशन' और 'द हार्ट ऑफ इंडिया' शामिल हैं।
PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि
मार्क टुली के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पत्रकारिता जगत की एक सशक्त आवाज, सर मार्क टली के निधन से गहरा दुःख हुआ है। भारत और हमारे देश की जनता के साथ उनका गहरा जुड़ाव उनके कार्यों में झलकता था। उनकी रिपोर्टिंग और अंतर्दृष्टि ने सार्वजनिक चर्चा पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति हमारी संवेदनाएं।
CM ममता ने जताया दुख
मार्क टुली के निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टली के निधन से गहरा दुख हुआ। कलकत्ता में जन्मे पत्रकार ने बीबीसी के लिए भारत को कवर किया और भारत के प्रति अपने प्रेम और स्नेह के लिए वे प्रसिद्ध थे। हम उन्हें अपने ही एक सदस्य के रूप में देखते थे। उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।'
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