फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jobs ›   Other Jobs ›   Verification process will be start for Bed and Med teachers

बीएड, एमएड के शिक्षकों का होगा वेरिफिकेशन

Sat, 14 May 2016 07:49 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 14 May 2016 07:49 AM IST
विज्ञापन
Verification process will be start for Bed and Med teachers
डेमो पिक

सीसीएसयू बीएड और एमएड कॉलेजों के शिक्षकों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। इस बारे में कई बार आदेश जारी हो चुका है, लेकिन कॉलेज सूचना नहीं देते। इस दफा एक-एक कॉलेज के शिक्षकों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए विवि बुलाया जाएगा। उनकी विडियोग्राफी होगी। परफोरमा तय कर दिया गया है। विवि की वेबसाइट पर इसे अपलोड किया जाएगा। शिक्षकों को वह भरकर जमा करना होगा। पहले चरण में 39 एमएड कॉलेजों के शिक्षकों का वेरिफिकेशन होगा।

विज्ञापन


मेरठ और सहारनपुर मंडल में 39 एमएड कॉलेज हैं। कॉलेजों में शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायत मिलती रही हैं। विवि ने वेरिफिकेशन के लिए कई बार सर्कुलर जारी किया, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।
विज्ञापन


अब एक-एक कॉलेज की डेट तय कर उन्हें विवि बुलाया जाएगा। शुरुआत एमएड कॉलेजों के शिक्षकों से की जा रही है। शिक्षकों के लिए एक परफोरमा तैयार किया गया है। वह भरकर विवि में जमा करना होगा। प्रत्येक शिक्षक को विवि आकर वेरिफिकेशन कराना होगा, उसी वक्त विडियोग्राफी कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

एकेटीयू की तरह हैं फर्जी शिक्षक

Verification process will be start for Bed and Med teachers
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के नाम पर पूरे यूपी में बांटी गईं डिग्रियां - फोटो : getty

शिकायत यह है कि एक शिक्षक के कागजात कई कॉलेजों में लगे हैं। कुछ कॉलेजों में शिक्षक तैनात ही नहीं है। एमएड कॉलेजों के बाद इसी तरह बीएड कॉलेजों के शिक्षकों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रार दीपचंद्र का कहना है वेरिफिकेशन का काम 39 एमएड कॉलेजों के शिक्षकों से किया जा रहा है। डेट फिक्स की जाएगी।   

डॉ. अब्दुल कलाम आजाद तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में प्रदेश में करीब 20 हजार शिक्षक फर्जी मिले हैं। ऑनलाइन मांगे गए डाटा के आधार पर वेरिफिकेशन हुआ है। इसी तरह बीएड और एमएड कॉलेजों में शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed