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वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लांड्रिग आरोपों पर जिरह के लिए तारीख तय
Tue, 19 Mar 2019 01:18 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 19 Mar 2019 01:18 AM IST
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वीरभद्र सिंह (फाइल)
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अदालत ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोपों पर जिरह के लिए 9 व 10 अप्रैल की तारीख तय की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वीरभद्र और उनकी पत्नी के खिलाफ 22 फरवरी को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने आरोपों पर जिरह शुरू होने से पहले ईडी को पूरक आरोप पत्र के साथ दिए गए शेष दस्तावेज आरोपियों को सौंपने का निर्देश दिया है।
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एजेंसी की ओर से विशेष अधिवक्ता एके माटा और नितेश राणा ने आश्वासन दिया कि अगली तारीख तक सारे दस्तावेज आरोपियों को सौंप दिए जाएंगे। एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा था कि वीरभद्र सिंह ने काले धन का इस्तेमाल धन शोधन में किया था। इसके लिए उन्होंने बोगस एंट्री का इस्तेमाल किया।
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ईडी ने यह मुकदमा सीबीआई के केस के आधार पर दर्ज किया था। सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच के दौरान उनकी संपत्ति घोषित आय से 192 फीसदी अधिक पाई गई थी। ईडी ने कहा कि इस काले धन को बोगस बिलों के जरिए इस्तेमाल किया गया और जीवन बीमा में लगाया गया।
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सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वीरभद्र सिंह ने 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए 10 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर आय से अधिक अर्जित की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर 2016 को वीरभद्र सिंह की याचिका हिमाचल प्रदेश से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी थी।