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अब वेंकैया नायडू करेंगे शरद यादव-अली अनवर की सदस्यता का फैसला, पिछले मामलों से ली 'सीख'
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Wed, 18 Oct 2017 11:15 AM IST
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वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति
- फोटो : pti
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जनता दल युनाइटेड (जदयू) से राज्यसभा सांसद शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रहेगी या जाएगी इसपर अब उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू फैसला लेंगे। यह निर्णय पहले विशेषाधिकार कमेटी को लेना था लेकिन राज्य सभा के चेयरमैन यानी वेंकैया खुद आगे आए हैं।
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इससे पहले सदस्यता रद्द करने की कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करते-करते विशेषाधिकार कमेटी ने 1 से 2 साल लगा दिए थे। फिलहाल कमेटी के मुखिया कांग्रेस के नेता पीजे कुरियन हैं और वे दोनों की सदस्यता रद्द करने में शायद ही कोई जल्दी दिखाएंगे। इस सब का हिसाब लगाकर देखा जाए तो हो सकता है कि दोनों की सदस्यता रद्द होने से पहले लोकसभा चुनाव आ जाएं।
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इन कारणों से जेडीयू कर रही है शरद यादव की सदस्यता रद्द करने की मांग
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, उप राष्ट्रपति के दफ्तर ने पहले के कुछ केसों को देखा। जिसमें पाया गया कि विशेषाधिकार कमेटी ने बीजेपी नेता जय नारायण प्रसाद और बसपा नेता ईशम सिंह की सदस्यता रद्द करने के फैसले में एक साल से ज्यादा लगा दिया था।
दरअसल, नीतीश कुमार के लालू से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद से शरद यादव नाराज थे। वह सख्त निर्देश मिलने के बावजूद लालू की पार्टी आरजेडी द्वारा की गई रैली में शामिल होने पहुंचे थे। विवाद बढ़ने के बाद नीतीश ने शरद यादव को राज्यसभा में जदयू के नेता के पद से हटाकर वह जिम्मेदारी अपने विश्वासपात्र राम प्रसाद चंद्र को दे दी थी।