भारत-पाक के बीच चलने वाली कारवां-ए-अमन बस सेवा होगी रद्द
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ अपने सरकारी आवास 7 लोक नायक मार्ग पर बैठक की। कोझीकोड में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जाने से पहले प्रधानमंत्री ने सेना के तीनों अंगों की तैयारी और हालात का जायजा लिया। इस बैठक को उड़ी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ रुख अख्तियार करने के लिए चल रहे मंथन का हिस्सा माना जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सरकार पाकिस्तान को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) यानी तरजीही दर्जे को खत्म करने पर भी विचार कर रही है।
इतना ही नहीं पाकिस्तान के खिलाफ अपने कड़े रुख का संकेत देने के लिए दोनों देशों के बीच चल रही कारवां-ए-अमन बस सेवा को भी रोका जा सकता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने अंदरूनी विरोध के चलते भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा कभी नहीं दिया। पीएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से भी अलग मुलाकात की।
हालांकि रक्षा मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि थल सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह, वायु सेना प्रमुख अरूप राहा और नौसेना के उप प्रमुख के बी सिंह के साथ पीएम की बैठक रूटीन थी।
बस सेवा रद्द होने से आवाम की बढ़ेंगी मुश्किलें
नौसेना प्रमुख सुनील लांबा के दिल्ली में नहीं होने की वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख और सख्त करने से पहले अपनी सैन्य तैयारियों को ठोक बजा कर देख रही है। सूत्रों ने बताया कि जनरल दलबीर सिंह उड़ी हमले के बाद मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार के साथ पाकिस्तान के एमएफएन और कारवां-ए-अमन बस सेवा के संबंध में भी उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है। इसके अलावा भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार भी जारी है। सरकार इन मुद्दों को फिलहाल नहीं छेड़ रही क्योंकि इससे दोनों देशों की आम जनता बुरी तरह प्रभावित होगी। सूत्रों ने बताया कि किसी भी कड़े फैसले से पहले पाकिस्तान सरकार का रुख भांपा जा रहा है।