यूपी में विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेगी भाजपा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जातिवाद और वोट बैंक की राजनीति देश को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा केवल विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेगी। किसानों, गांवों के कल्याण और युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करने जैसे मुद्दों पर हमारा जोर रहेगा।
मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जातिवाद के नाम पर जिन लोगों ने इस देश में जहर घोला है, उन्हें अब सामाजिक समस्याओं को राजनीतिक रंग देना बंद करना चाहिए। मोदी ने दलितों के खिलाफ हिंसा की भी तीखी निंदा की।
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कभी भी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने सीएनएन न्यूज 18 के साथ साक्षात्कार में विभिन्न मुद्दों पर बात की।
हम केवल विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेंगे- पीएम मोदी
यूपी के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति के सवाल पर मोदी ने कहा कि राजनीतिक और विकास की गतिविधियों को चुनावी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव होने हैं।
जहां तक भाजपा की बात है, तो हम केवल विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेंगे। हम सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हमारा ध्यान देश में शांति, एकता और भाईचारा बनाने पर होगा। हम इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में सबसे बड़ी बाधा वोट बैंक की राजनीति है।
पिछले लोकसभा चुनाव में वोट बैंक की राजनीति का कोई माहौल नहीं था। पिछला चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा गया। 30 साल बाद सभी वर्गों के लोगों ने बहुमत की सरकार के लिए वोट दिया। समाज के सभी वर्गों ने अपना रुख बदला। संभव है कि यूपी के लोग भी प्रदेश के भले के लिए ऐसा ही करें। वे भी विकास के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए ही वोट करेंगे।
हमें सूझबूझ से समाज के इस असंतुलन को दूर करना होगा
दलितों के खिलाफ हिंसा की तीखी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में यह शोभा नहीं देता है। देश की सामाजिक एकता और समानता को चोट पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। हमें इसे लेकर ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने भाजपा नेताओं समेत सभी राजनेताओं से अपील की है कि वे गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें।
75 मिनट के साक्षात्कार के दौरान मोदी ने दावा किया कि पहले की तुलना में उनकी सरकार के दौरान दलितों पर अत्याचारों की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि हमारी हजारों सालों से परंपरा रही है। हमारे समाज में असंतुलन रहा है। हमें सूझबूझ से समाज के इस असंतुलन को दूर करना होगा।
मेरा दलित हितैषी होना नहीं पचा पा रहे कुछ लोग
मोदी ने कहा कि कुछ लोग खुद को किसी खास वर्ग का ठेकेदार समझते हैं और समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्हें मोदी का दलित हितैषी होना नहीं पच रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने बाबा साहेब अंबेडकर की 125वीं जयंती भी मनाई थी, तभी से बहुत से लोग मानने लगे हैं कि मैं अंबेडकर का समर्थक हूं।
इसी से उनको समस्या होने लगी। उन्हें लगा कि उनकी राजनीतिक खतरे में पड़ जाएगी और उन्होंने समस्याएं पैदा करना शुरू कर दीं। ऐसे लोग मेरे खिलाफ आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। समाज के स्वयंभू चैंपियन सामाजिक समस्याओं को राजनीतिक रंग देकर तनाव बढ़ा रहे हैं।
पीएम ने कहा कि वह दलितों और समाज के वंचित वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में बहुत से दलित सांसद और विधायक हैं।
विकास है सरकार का एजेंडा, देश को भरोसा
मोदी ने कहा कि देश इस बात पर पूरा भरोसा करता है कि मोदी सरकार का एजेंडा सिर्फ विकास का है। देश के लोगों में इसे लेकर कोई भ्रम नहीं है। लेकिन जो लोग कभी नहीं चाहते थे कि ऐसी सरकार बने, जो कभी नहीं चाहते थे कि पिछली सरकार जाए, सिर्फ उन्हें ही समस्या हो रही है।
उन्होंने कहा कि हमारा एजेंडा विकास का है और आगे भी विकास ही रहेगा। यह मेरा दृढ़ निश्चय है। यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। अगर देश गरीबी से छुटकारा पाना चाहता है तो इसके लिए विकास होना चाहिए। हमें देश के लोगों को सशक्त बनाना होगा।
इतिहास गवाह है, राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कभी काम नहीं किया
राबर्ट वाड्रा के खिलाफ भूमि घोटाले की जांच पर विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रतिशोध की भावना से काम नहीं किया है और न ही आगे कभी करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार ने किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक परिवार के खिलाफ जांच के आदेश नहीं दिए हैं।
पीएम ने कहा कि मैं 14 साल गुजरात का मुख्यमंत्री रहा। लेकिन इतिहास गवाह है कि मैंने राजनीतिक कारणों से किसी के खिलाफ कभी कोई फाइल नहीं खोली। न ही मुझ पर कभी कोई ऐसा आरोप लगा है। केंद्र में भी मेरी सरकार को दो साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने राजनीतिक कारणों से फाइल खोलने के आदेश कभी नहीं दिए हैं।
प्रधानमंत्री से पूछा गया था कि क्या सरकार राजनीतिक घरानों को निशाना बना रही है। मोदी ने बिना किसी मामले का जिक्र करते हुए साफ कहा कि कानून अपना काम करेगा। मोदी की यह टिप्पणी तब आई है, जबकि हरियाणा सरकार की ओर से गठित ढींगरा आयोग ने भूमि सौदा मामले में सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा के खिलाफ जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है।