'नोटबंदी के बाद जैसे हालात हैं अगर कोई और देश होता तो अबतक लूटमार शुरू हो जाती'
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संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने नोटबंदी के फैसले का विरोध करते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सियासी तीर छोड़े। कहा कि बादशाह अपने को फकीर बता रहे, जबकि उन्होंने मुल्क की जनता को फकीर बनाकर लाइन में लगवा दिया। अगर दूसरा मुल्क होता तो ऐसे हालातों में लूटमार शुरू हो जाती।
नोटबंदी का फैसला लेकर 130 करोड़ देश की जनता मरने के लिए मजबूर है। विकास के काम रुक गए हैं, अपने ही पैसे के लिए जनता को भिखारियों की तरह लाइन में लगना पड़ रहा है।
मोहम्मद आजम खां ने शनिवार को स्वार के खेमपुर में नवनिर्मित आईटीआई भवन का लोकार्पण करने के दौरान समारोह को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। बोले, बादशाह ने नोटबंदी का फैसला लेकर हिंदुस्तान की जनता को भिखारी बना दिया। अगर ऐसा दूसरे मुल्क में होता तो वहां लूटमार शुरू हो जाती, लेकिन इस मुल्क के लोग इंकलाब भी शांति से करते हैं।
समाजवादी पार्टी विकास कराने में कोई पक्षपात नहीं करती है
बादशाह खुद को फकीर कहते हैं, लेकिन वे फकीर नहीं, बल्कि उन्होंने मुल्क की अवाम को फकीर बना दिया। उन्हें यह फिक्र किया कि उन्हें नहीं मालूम कि बेटी की शादी कैसे होगी? क्योंकि उन्होंने तो अपनी मां और पत्नी को ही छोड़ दिया तो बेटी का दर्द कहां से होगा।
आजम खां ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले बैंकों की लाइन में मरने वालों के परिजनों को दो से पांच लाख रुपये तक देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तरक्की कर रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरे सबसे सीनियर होने के कारण हर फैसला मुझ से पूछकर लेते हैं।
उन्होंने नवाबों पर भी निशाना साधा। बोले, सपा सरकार फिर आएगी। इसके लिए थोड़ी मदद की जरूरत है। क्योंकि न तुम्हारे घरों में हाथी झूमेगा और न ही घरों में कमल खिलेगा। लोगों के काम आएगी तो सिर्फ समाजवादी पार्टी। उनकी पार्टी विकास कराने में कोई पक्षपात नहीं करती है, बल्कि हर कौम और मजहब को एक साथ लेकर चलती है।
आजम खां ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा को वोट देने की अपील की। सांसद पर भी विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।