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उन्नाव दुष्कर्म कांड: चार्जशीट में सेंगर का नाम, लेकिन विधायक हत्यारोपी नहीं
Sat, 12 Oct 2019 03:14 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 12 Oct 2019 03:14 AM IST
सार
- सीबीआई की तरफ से अदालत में दाखिल आरोप पत्र में लगाया गया है आरोप
- पीड़िता की बातों से भिन्न तथ्य भी आए सामने
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीबीआई ने शुक्रवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता के एक्सीडेंट मामले में अदालत के सामने चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में जांच एजेंसी ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहयोगियों से हत्या का आरोप हटाते हुए उन्हें आपराधिक साजिश का आरोपी माना है।
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बता दें कि रायबरेली में एनएच-31 पर 28 जुलाई को हुए पीड़िता की कार के एक्सीडेंट में उसकी दो चाचियों की मौत हो गई थी, जबकि वह खुद और उसका वकील गंभीर घायल हो गए थे। सीबीआई ने 30 जुलाई को इस मामले में सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश के एक मंत्री के दामाद अरुण सिंह व 7 अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया था।
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अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में शाम को पहली चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में बांगरमऊ सीट के विधायक सेंगर और एफआईआर में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ महज आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी देने का ही आरोप तय किया गया है।
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पीड़िता की कार में टक्कर मारने वाले ट्रक के ड्राइवर आशीष कुमार पाल को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत लापरवाही से मौत के लिए जिम्मेदार होने और सार्वजनिक रास्ते पर खतरनाक ढंग से ड्राइविंग करने का आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने चार्जशीट में ड्राइवर को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं बनाया है।
कई अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश
सीबीआई ने चार्जशीट में उत्तर प्रदेश सरकार के कई अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की है। हालांकि इनकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है। बता दें कि पीड़िता की सुरक्षा में लगाए गए उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान एक्सीडेंट के दिन गायब थे। बाद में इन्हें निलंबित कर दिया गया था।