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'असानी' चक्रवात पर सरकार की नजर: तैयारियों की हुई समीक्षा, तीन राज्यों में एनडीआरएफ की 50 टीमें तैनात
Tue, 10 May 2022 11:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 10 May 2022 11:06 PM IST
सार
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने 'असानी' से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। मौसम विभाग का कहना है कि असानी के असर के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश की भी संभावना है।
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एनडीआरएफ की टीम तैनात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'असानी' को लेकर अगले 24 घंटे भारी होने वाले हैं। इसका असर आज से दिखना शुरू हो जाएगा। यह 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर से बढ़ रहा है। 'असानी' को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने 'असानी' से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। मौसम विभाग का कहना है कि असानी के असर के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश की भी संभावना है।
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राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने असानी तूफान को लेकर 50 टीमों को तैनात किया गया है। 50 में से 22 को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तैनात किया गया है, जबकि शेष 28 को इन राज्यों में अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।
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असानी तूफान के मद्देनजर, आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की नौ टीमों को तैनात किया गया है, इसके साथ ही सात और टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके साथ ही उडीसा में एनडीआरएफ की एक टुकड़ी को तैनात किया गया है और 16 यूनिट को स्टैंडबाई पर रखा गया है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में 12 टीमों को तैनात किया गया है और पांच टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
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एक एनडीआरएफ टीम में आमतौर पर 47 कर्मी होते हैं, जो प्रभावित लोगों को बचाने और राहत अभियान शुरू करने के लिए पेड़ और पोल कटर, संचार उपकरणों, नावों और बुनियादी चिकित्सा सहायता से लैस होते हैं।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात 'असानी' के मद्देनजर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के केंद्रीय मंत्रालयों, एजेंसियों और प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की।
केंद्रीय गृह सचिव ने केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों को नियमित रूप से निगरानी रखने और किसी भी मदद के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रशासन के संपर्क में रहने का निर्देश दिया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात के 11 मई की दोपहर तक काकीनाडा-विशाखापत्तनम तटों के पास पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद चक्रवात के काकीनाडा और विशाखापत्तनम (कृष्णा, पूर्व और पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम जिलों के बीच आंध्र तट के साथ) आगे बढ़ने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात की हवा की गति आंध्र प्रदेश तट पर 75-85 किमी प्रति घंटे से लेकर 95 किमी प्रति घंटे और ओडिशा तट पर 45-55 किमी प्रति घंटे से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगी। इस दौरान समुद्र में मछली पकड़ने के कार्यों को स्थगित करने का सुझाव दिया गया है।
गौरतलब है कि आईएमडी चक्रवात पर करीब से नज़र रख रहा है। चक्रवात के प्रभाव के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सोमवार को बारिश हुई थी। ओडिशा के खुर्दा, गंजम, पुरी, कटक और भद्रक जैसे जिलों में दो से तीन बार बारिश हुई। मौसम कार्यालय ने कहा था कि चक्रवात के कारण कोलकाता, हावड़ा, पुरबा मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और नादिया जिलों सहित पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में सोमवार और गुरुवार के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।