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यूक्रेन संकट: सरकार ने फंसे भारतीयों को निकालने के लिए जारी की संशोधित गाइडलाइन, बुडापेस्ट से रवाना हुई एक और फ्लाइट
Mon, 28 Feb 2022 04:40 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 28 Feb 2022 04:40 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है। इसके तहत भारतीयों के यहां से लाने का सिलसिला जोरों पर है।
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यूक्रेन में फंसे भारतीय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीयों को लाने का अभियान जोरों पर है और इसके पड़ोसी देशों से लगातार विमान भारत पहुंच रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि 240 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लेकर छठी उड़ान ऑपरेशन गंगा के तहत हंगरी के बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई है। इस बीच खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन में चल रहे रूसी सैन्य अभियान के बीच फंसे भारतीयों को निकालने के समन्वय के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों में चार केंद्रीय मंत्रियों को भेजेंगे।
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ये चार मंत्री होंगे रवाना
सरकारी सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह निकासी मिशन के समन्वय और छात्रों की मदद करने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों की यात्रा करेंगे।
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केंद्र सरकार ने यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है। इसके अलावा यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने आज सूचित किया कि कीव में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है। दूतावास ने कहा कि यूक्रेन रेलवे के जरिए निकासी के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है और सभी छात्रों को पश्चिमी भागों की यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन जाने की सलाह दी गई है।
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सरकार ने यात्रा सलाह संशोधित की
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सलाह को संशोधित किया, जिसमें यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को कई छूट प्रदान की गई। यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को अनिवार्य नेगेटिव आरटीपीसीआर टेस्ट और टीकाकरण प्रमाणपत्र के साथ-साथ एयर-सुविधा पोर्टल पर प्रस्थान से पहले दस्तावेजों को अपलोड करने से छूट दी गई है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यदि कोई यात्री आगमन-पूर्व आरटीपीसीआर टेस्ट पेश करने में सक्षम नहीं है या उसने अपना कोविड-19 टीकाकरण पूरा नहीं किया है, तो उन्हें भारत आने के बाद 14 दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की खुद निगरानी करने की सलाह के साथ अपने सैंपल जमा करने की अनुमति है। 28 फरवरी 2022 तक यूक्रेन से 1156 भारतीय भारत आ चुके हैं, जिनमें से किसी भी यात्री को आइसोलेशन में नहीं रखा गया है।
एडवाइजरी में कीव में फंसे सभी भारतीयों को रेलवे स्टेशन जाने और वहां से ट्रेन पकड़ कर पश्चिमी यूक्रेन पहुंचने के लिए कहा गया है। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि कीव में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है। सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पश्चिमी यूक्रेन की तरफ जाने के लिए रेलवे स्टेशनों का रुख करें। यूक्रेन रेलवे लोगों को निकालने के लिए विशेष ट्रेनें चला रहा है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक और छात्र शांति से और एकजुट होकर रहें। रेलवे स्टेशनों में भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए सलाह दी जाती है कि छात्र धैर्य बनाए रखें और रेलवे स्टेशनों पर उग्र व्यवहार नहीं करें। जो हालात हैं, उसमें ट्रेनें लेट भी हो सकती हैं, ऐन मौके पर निरस्त भी हो सकती हैं और लंबी कतारें हो सकती हैं। भारतीय छात्र अपना पासपोर्ट, पर्याप्त मात्रा में नकदी, खाने का सामान साथ रखें और अपने सामान के प्रति सचेत रहें। साथ ही छात्रों से कहा गया है कि यूक्रेन के नागरिक और अधिकारी दोनों ही भारतीयों की निकासी में मदद कर रहे हैं। ऐसे संकट के समय भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
सीधे तौर पर सीमाओं की ओर न जाएं
साथ ही भारतीयों से कहा गया है कि वे सीमाओं की ओर सीधे न जाएं क्योंकि वहां भारी भीड़ है और वहां से निकलने में वक्त लगेगा। ऐसे में वे लोग आसपास के शहरों में चले जाएं और कुछ वक्त सुरक्षित जगहों पर गुजारें। हम वहां व्यवस्था कर रहे हैं और हमारी टीमें सभी की मदद करेंगी।
अब तक 8000 से अधिक भारतीय छोड़ चुके हैं यूक्रेन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन में संकट शुरू होने पर भारत के शुरुआती एडवाइजरी जारी करने से लेकर अब तक वहां से 8000 से अधिक भारतीय निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को निकालने के लिए यूक्रेन में हालात लगातार जटिल बने हुए लेकिन हम लोगों को निकालने की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छह उड़ानों के जरिए यूक्रेन से करीब 1396 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। इनमें से चार उड़ानें रोमानिया के बुखारेस्ट से जबकि दो उड़ानें हंगरी के बुडापेस्ट से आईं। उन्होंने कहा कि भारत ने मोलडोवा से भी एक रूट की तलाश की है। इसके जरिए भी लोगों को वापस लाया जाएगा।
दवा समेत मानवीय सहायता भी भेजेंगे
बागची ने कहा कि भारत यूक्रेन की मदद के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता भी भेजेगा।