{"_id":"60f35138bc66d526df0130cd","slug":"tripura-cm-biplab-deb-says-after-three-decades-the-way-for-business-related-to-agarwood-has-been-cleared","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रिपुरा: सीएम बिप्लब देब बोले- तीन दशक बाद अगरवुड से जुड़े व्यापार का हुआ रास्ता साफ ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
त्रिपुरा: सीएम बिप्लब देब बोले- तीन दशक बाद अगरवुड से जुड़े व्यापार का हुआ रास्ता साफ
Sun, 18 Jul 2021 03:22 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 18 Jul 2021 03:22 AM IST
सार
- मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने ट्विट करते हुए कहा कि अगरवुड और उसके उत्पादों में अर्थव्यवस्था के रूपांतरण की क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने कहा, पिछली शाम प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर अगरवुड क्षेत्र के सतत विकास पर चर्चा हुई।a
विज्ञापन
बिप्लब कुमार देब और पीएम मोदी
- फोटो : twitter
विस्तार
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को कहा कि लगभग तीन दशक के बाद सरकार सैद्धांतिक रूप से राज्य के लिए इत्र और अगरबत्ती का व्यापार के लिए सहमत हो गई है। राज्य में रोजगार को बढ़ाने के लिए यह बड़ी जीत है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने ट्विट करते हुए कहा कि अगरवुड और उसके उत्पादों में अर्थव्यवस्था के रूपांतरण की क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने कहा, पिछली शाम प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर अगरवुड क्षेत्र के सतत विकास पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
Agarwood and its products have immense potential to transform the economy of #Tripura.
विज्ञापन विज्ञापन
Held an important discussion with Hon'ble PM @narendramodi ji last evening on sustainable development of Agarwood sector with a focus on value addition, R&D, testing & enhanced cultivation. pic.twitter.com/jZPAkHciDb— Biplab Kumar Deb (@BjpBiplab) July 17, 2021
उन्होंने कहा कि इसकी खेती, इस क्षेत्र में अनुसंधान और परीक्षण पर भी चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि राल के पेड़ की गिनती राज्य में लगभग 50 लाख है। वर्ष 1991 में अगर की लकड़ी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पेड़ की लड़की, उसके चिप, पाउडर, परल और धूल तक पर प्रतिबंध था।