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तीन तलाक : इस महीने प्रभावहीन हो जाएगा तीन साल कैद की सजा वाला अध्यादेश
Fri, 11 Jan 2019 03:42 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 11 Jan 2019 03:42 AM IST
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मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक को दंडात्मक अपराध घोषित करने और इसके तहत तीन साल कैद की सजा के प्रावधान वाला अध्यादेश 22 जनवरी को प्रभावहीन हो जाएगा। इससे संबंधित बिल के दुबारा राज्यसभा में अटक जाने के कारण सरकार पुन: अध्यादेश भी ला सकती है।
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सरकार ने पूर्व में लोकसभा में तीन तलाक बिल पारित करवा लिया था, लेकिन सत्तारूढ़ एनडीए के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण बिल अटक गया था। इस पर सरकार ने अध्यादेश लागू कर दिया था। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार ने एक बार फिर तीन तलाक बिल संसद में पेश किया जिसमें तीन तलाक पर सजा का प्रावधान शामिल किया गया। यह बिल गत 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया और पारित भी हो गया। विपक्ष इस बिल में संशोधन की मांग पर अड़ा हुआ है। इसलिए यह बिल राज्यसभा में फिर अटक गया।
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कोई भी अध्यादेश छह माह तक लागू रह सकता है, लेकिन संसद का कोई भी सत्र लागू होने के 42 दिन के भीतर उसे विधेयक के द्वारा खत्म करना अनिवार्य होता है। अन्यथा अध्यादेश प्रभावहीन हो जाता है। सूत्रों के अनुसार तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश दोबारा लागू किए जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। यह अध्यादेश 31 जनवरी को बजट सत्र शुरू होने से एक हफ्ते पहले प्रभावहीन हो रहा है। सरकार बजट सत्र के दौरान पुन: विधेयक भी पेश कर सकती है। यदि विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं होता है तो पुन: अध्यादेश लागू करने के लिए फरवरी के मध्य में सत्र समाप्त होने तक इंतजार करना होगा।
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