ऊपर से गुजरीं 18 बोगियां, फिर भी बच गई जान
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वाराणसी कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर मंगलवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में एक युवक फिसलकर रांची एक्सप्रेस के नीचे आ गया। उसके ऊपर से 18 बोगियां गुजर गईं लेकिन उसकी जान बच गई। हालांकि उसकी तीन उंगलियां कट गईं और सिर में भी चोट आई।
युवक को बचाने के चक्कर में उसकी पत्नी और मां भी ट्रेन की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। जिसने भी यह घटना देखी एकबारगी चकित रह गया। कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में उपचार के बाद शाम को युवक अपने परिवार के साथ सासाराम रवाना हो गया।
दरीगांव, सासाराम (बिहार) का पप्पू बिंद (25) परिवार के साथ प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचा। उसे रांची एक्सप्रेस से जाना था। दोपहर करीब ढाई बजे चलती ट्रेन में इंजन की पीछे वाली जनरल बोगी में पप्पू चढ़ने का प्रयास करने लगा। बारिश की वजह से सीढ़ियां और गेट पर लगी रेलिंग भीगी थी और पप्पू फिसल कर नीचे गिर पड़ा।
पत्नी की साड़ी ट्रेन में फंस गई
प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिरे पप्पू को बचाने में उसकी पत्नी की साड़ी ट्रेन में फंस गई और उसकी मां भी उसे पकड़े कुछ दूर घिसट गई। तब तक वहां मौजूद आरपीएफ के जवान वीरभद्र सिंह और गोपाल राय ने दौड़कर दोनों को बचाया।
उधर, 18 बोगियों वाली ट्रेन के गुजरने के बाद पप्पू को निकाला गया। उसके बाएं हाथ की तीन उंगलियां कट गई थीं। बेहोशी की हालत में उसे मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां उसके सिर में छह टांके लगाए गए। उपचार के बाद शाम को दून एक्सप्रेस से पप्पू परिवार के साथ सासाराम रवाना हो गया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि उन्हें आशा नही थी कि वह जीवित बचेगा लेकिन ट्रेन गुजरने के बाद उसे सलामत देख वह आश्चर्यचकित रह गए।