फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TMC leader Suvendu Adhikari resigns from the membership of West Bengal Legislative Assembly

बंगाल: शुवेंदु के इस्तीफे से सौगत रॉय खफा, बोले- 'नियंत्रण' नहीं मिला तो दिया धोखा

Wed, 16 Dec 2020 11:02 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 16 Dec 2020 11:02 PM IST
सार

  • काफी दिनों से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे शुवेंदु अधिकारी
  • सौगत रॉय ने लगाया पार्टी के साथ धोखेबाजी करने का आरोप
  • ममता बनर्जी ने कहा, कुछ लालची लोग छोड़ रहे हैं हमारा साथ
  • इस्तीफे के बाद पार्टी के अन्य असंतुष्ट नेताओं से मिले अधिकारी

विज्ञापन
TMC leader Suvendu Adhikari resigns from the membership of West Bengal Legislative Assembly
शुवेंदु अधिकारी - फोटो : एएनआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल सरकार में बगावत का दौर शुरू हो गया है। शुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। अधिकारी पहले ही राज्य में परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी सरकार की मुश्किलें बढ़ती हुईं नजर आ रही हैं। 

विज्ञापन


वहीं, शुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत राय ने इसे अधिकारी की तृणमूल कांग्रेस के साथ धोखेबाजी करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि शुवेंदु अधिकारी अगर भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें वहां कोई महत्वपूर्ण पद नहीं मिलने वाला है। 
विज्ञापन



उधर, अधिकारी ने इस संबंध में राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी एक चिट्ठी भेजी है। राज्यपाल ने इस संबंध में ट्वीट किया, 'सुवेंदु अधिकारी ने मेरे हस्तक्षेप की मांग की है ताकि पुलिस और प्रशासन को उन्हें फंसाने से रोका जा सके और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए उन्हें आपराधिक मामलों में न फंसाया जा सके। उचित कदम ले रहा हूं।'
विज्ञापन
विज्ञापन

 
अधिकारी को दी गई है जेड प्लस सुरक्षा
शुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा को भी हाल ही में बढ़ाकर जेड प्लस कर दिया गया था। जानकारी के अनुसार उन पर खतरे की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। सुरक्षा बढ़ने के बाद शुवेंदु अधिकारी ने बीते दिनों मेदिनीपुर में आयोजित एक रैली में कहा था कि हाल के दिनों में उनके ऊपर 11 बार हमले किए गए हैं।

भाजपा ने किया इस्तीफे का स्वागत
उधर, अधिकारी के इस्तीफे पर भाजपा के उपाध्यक्ष मुकुल राय ने कहा है कि जिस दिन उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, मैंने कहा था कि अगर वह टीएमसी छोड़ देते हैं तो मुझे खुशी होगी और हम उनका स्वागत करेंगे। आज उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और मैं उनके निर्णय का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ताश के पत्तों के घर की तरह ढह रही है। रोज उनकी पार्टी से कोई नेता हमारी पार्टी में शामिल होने आ जाता है।

Trending Videos

जिन्हें पता है टिकट नहीं मिलेगा वो पार्टी छोड़ रहे हैं: ममता

उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार 'मां, माटी और मानुष' की सरकार है, और ये तीन तत्व ऐसे हैं जो बेईमानी नहीं कर सकते, धोखा नहीं दे सकते या झूठ नहीं बोल सकते। हम झूठ बोल कर वोट नहीं लेते हैं, हम जो कहते हैं वो करते हैं। यह टीएमसी की शपथ है। 

बनर्जी ने कहा कि चंबल के कुछ डकैत और बाहर के कुछ गुंडे बंगाल में घुस आए हैं। कई वह पुलिस को धमकी देते हैं तो कभी टीएमसी को धमकाते हैं। आज टीएमसी की जड़ें एक बरगद के पेड़ की तरह गहरी हैं। दो-तीन लोग जो जानते हैं कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगा, वो पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी वह कहते हैं कि सीएए लागू किया जाएगा और एनआरसी नहीं। कभी वह कहते हैं कि एनआरसी लागू की जाएगी और एनपीआर अमल में नहीं लाया जाएगा। लेकिन मैं आज कह रही हूं कि वो ये तीनों काम करेंगे। मैंने अपने राज्य में एनपीआर को न अनुमति दी है और न दूंगी।

अधिकारी ने तृणमूल से नाराज चल रहे नेताओं के साथ की बैठक

शुवेंदु अधिकारी ने विधायक पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद बुधवार को वरिष्ठ सांसद सुनील मंडल और आसनसोल नगर निगम के प्रमुख जितेंद्र तिवारी समेत पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के साथ मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार बंद कमरे में हो रही बैठक शाम सात बजे शुरू हुई और अभी जारी है।

अधिकारी पश्चिम बर्द्धमान जिले में कांकसा में मंडल के आवास पर उनसे मिलने गए। सूत्रों ने बताया कि बर्द्धमान पूर्व लोकसभा क्षेत्र के दो बार के सांसद मंडल ने अधिकारी का स्वागत किया। वह सुबह अधिकारी के समर्थन में सामने आए थे और शिकायतों को दूर न करने के लिए पार्टी पर दोष मढ़ा था।

कुछ देर बाद तिवारी भी मंडल के आवास में जाते हुए नजर आए। तिवारी ने राजनीतिक कारणों से केंद्रीय कोष से आसनसोल को वंचित रखने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की थी। तिवारी पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं । बीरभूम, बर्द्धमान के कुछ तृणमूल नेता भी बैठक में शामिल हुए हैं।

अधिकारी ने पार्टी को धोखा दिया: सौगत राय

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि हमने एक दिसंबर को शुवेंदु अधिकारी से बात की थी लेकिन दो दिसंबर को उन्होंने कहा था कि हम साथ काम नहीं कर सकते। उस दिन हमने निर्णय लिया था कि अब उनसे कोई बात नहीं की जाएगी। हम उनकी महात्वाकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकते, वह ममता बनर्जी के बाद का नेता बनना चाहते थे और पार्टी इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी। 

उन्होंने कहा कि शुवेंदु अधिकारी पांच-छह जिलों पर नियंत्रण चाहते थे, जो कि संभव नहीं था। उन्हों कभी बताया नहीं लेकिन वह मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री का पद चाहते थे। मुझे जानकारी मिली है कि शुवेंदु भाजपा में शामिल हो जाएंगे। ऐसा लगता है कि इन परीक्षा के दिनों में कमजोर और लालची लोग पार्टी छोड़ेंगे। 

उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि शुवेंदु अधिकारी को भाजपा में अच्छा स्थान मिलेगा। उस पार्टी में पहले ही कुछ लोग नेता हैं। क्या वो अधिकारी के लिए अपना स्थान छोड़ देंगे? क्या मुकुल राय को भाजपा में शामिल होने के बाद अच्छी स्थिति मिली? शुवेंदु के साथ भी एसा ही होगा।'

सौगत रॉय ने कहा कि शुवेंदु अधिकारी ने पार्टी को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के चुनाव निशान पर दो बार राज्य सभा और लोकसभा सीट जीतने के बाद और साढ़े चार साल मंत्री रहने के बाद, विधानसभा चुनाव से महज छह महीने पहले पार्टी छोड़ देना धोखेबाजी है। रॉय ने कहा कि अगर अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से बाहर ही जाना चाहते थे तो उन्हें दो साल पहले ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए थी।

दो और विधायकों ने अपनाए बागी तेवर 

तृणमूल कांग्रेस में बुधवार को असंतोष के स्वर और तेज हो गए और इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ठ सांसद सुनील मंडल के साथ ही आसनसोल नगर निकाय के प्रमुख जितेंद्र तिवारी, शुवेंदु अधिकारी के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने पार्टी पर समय रहते शिकायतों का निवारण नहीं करने का आरोप लगाया।

बर्द्धमान पुरबा से दो बार के लोक सभा सांसद सुनील मंडल ने पार्टी की अंदरूनी कलह और भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में लापरवाही बरतने का आरोप नेतृत्व पर लगाया। मंडल ने कहा, 'शुवेंदु अधिकारी अच्छे नेता हैं और उनका मजबूत जनाधार है। उनके पार्टी छोड़ने से चुनाव में तृणमूल कांग्रेस पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।'

इस बीच, आसनसोल नगर निकाय के प्रमुख जितेंद्र तिवारी ने बुधवार को अधिकारी को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस का दूसरा सबसे लोकप्रिय नेता करार दिया। तिवारी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बतौर पश्चिम बर्द्धमान जिला अध्यक्ष, यह उनका अंतिम संबोधन हो सकता है।

उन्होंने कहा, ' पार्टी के बारे में कुछ भी कहने वालों को पार्टी छोड़कर जाने को कहा जा रहा है। ममता बनर्जी के बाद शुवेंदु अधिकारी पार्टी के दूसरे सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं। जब मैंने अपनी समस्याएं जाहिर कीं तो नगरपालिका मामलों के मंत्री फिरहाद हाकिम ने मुझे भाजपा में शामिल होने को कहा।'

पहले भारतीय हूं फिर बंगाली: अधिकारी

इससे पहले मंगलवार को शुवेंदु अधिकारी ने स्थानीय और बाहरी लोगों के संबंध में चल रही बहस को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को बाहरी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि वह पहले भारतीय हैं और फिर बंगाली हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की भी आलोचना करते हुए कहा था कि वह लोगों की अपेक्षा पार्टी को अधिक महत्व दे रहा है।

भाजपा में शामिल हो सकते हैं अधिकारी
अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लिए आसार गड़बड़ नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अब शुवेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बंगाल भाजपा भी कहती रही है कि तृणमूल के असंतुष्ट नेताओं के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed