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टीपू सुल्तान स्वतंत्रता सेनानी नहीं, फिर क्यों मनाएं उसकी जयंती: हाईकोर्ट
एजेंसी/ बंगलूरू
Updated Thu, 03 Nov 2016 04:30 PM IST
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के टीपू सुल्तान की जयंती मनाने के तर्क पर सवाल उठाया है। अदालत का कहना है कि टीपू सुल्तान स्वतंत्रता सेनानी नहीं था बल्कि एक सम्राट था जिसने अपने हितों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी।
एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एसके मुखर्जी की पीठ ने कहा, टीपू जयंती मनाने के पीछे क्या तर्क है? टीपू स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि एक सम्राट था जिसने अपने हितों की रक्षा के लिए विरोधियों से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि पिछले साल जयंती मनाने का परिणाम कानून व्यवस्था की स्थिति के रूप में सामने आया था।
जनहित याचिका में कर्नाटक सरकार के टीपू जयंती मनाने के कदम को चुनौती दी गई थी। हालांकि, लोक अभियोजक एमआर नाईक ने जयंती मनाने का बचाव करते हुए कहा कि टीपू एक महान शासक था जिसने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इस मामले में सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।
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एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एसके मुखर्जी की पीठ ने कहा, टीपू जयंती मनाने के पीछे क्या तर्क है? टीपू स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि एक सम्राट था जिसने अपने हितों की रक्षा के लिए विरोधियों से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि पिछले साल जयंती मनाने का परिणाम कानून व्यवस्था की स्थिति के रूप में सामने आया था।
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जनहित याचिका में कर्नाटक सरकार के टीपू जयंती मनाने के कदम को चुनौती दी गई थी। हालांकि, लोक अभियोजक एमआर नाईक ने जयंती मनाने का बचाव करते हुए कहा कि टीपू एक महान शासक था जिसने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इस मामले में सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।
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