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अनुच्छेद 370: कमलनाथ ने कहा- वक्त ही बताएगा कि घाटी में कितनी शांति होगी
Fri, 09 Aug 2019 10:13 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 09 Aug 2019 10:13 AM IST
सार
- कमलनाथ का अनुच्छेद 370 को लेकर बयान आया है
- उन्होंने कहा समय ही बताएगा कितनी शांति आएगी
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कमलनाथ
- फोटो : PTI
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विस्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि केवल समय ही बताएगा कि क्या अनुच्छेद 370 समाप्त करने का मोदी सरकार का कदम जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित करेगा और आतंकवादी गतिविधियों में कमी लाएगा?
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कमलनाथ नवी मुम्बई के वाशी में मध्यप्रदेश सरकार के गेस्टहाउस ‘मध्यलोक’ के उद्धाटन के इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा है कि केवल समय ही बताएगा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद रोजगार के कितने मौके बनते हैं और क्या आतंकवादी कृत्यों में कमी आती है। यह हमारे समक्ष सबसे बड़ा सवाल है।
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उन्होंने कहा कि इस बारे में बात करना कि अनुच्छेद 370 हटाने के एक या दो दिन में क्या होगा, वास्तव में बेमतलब है। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि क्या जम्मू कश्मीर में शांति बनी रहती है और क्या आतंकवादी गतिविधियों में कमी आती है?
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कांग्रेस में उनके सहयोगी ज्योतिरादित्य सिंधिया के मोदी सरकार के अनुच्छेद 370 पर कदम के समर्थन में आने के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा कि वह (सिंधिया) मुद्दे पर कांग्रेस कार्य समिति के प्रस्ताव के साथ हैं और अंतत: इस पर पार्टी के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।
हालांकि, देश भर में कांग्रेस के कई नेता इस मुद्दे पर संसद में पार्टी के रुख के खिलाफ गए। सिंधिया के अलावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी और दीपेंद्र हुड्डा ने इस कदम का समर्थन किया था।
इस मुद्दे पर मोदी सरकार के समर्थन में उतरते हुए, सिंधिया ने बुधवार को ट्वीट किया था कि मैं जम्मू कश्मीर और लद्दाख के भारत के संघ में पूर्ण एकीकरण के इस कदम का समर्थन करता हूं। बेहतर होता अगर संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया होता। तब कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता था। फिर भी, यह हमारे देश के हित में है और मैं इसका समर्थन करता हूं।
कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने सभी महासचिवों, राज्यों के प्रभारी, और राज्य पार्टी इकाई प्रमुखों की बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बुधवार को भारत के साथ द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों को कमतर करने का फैसला किया और कुछ ही देर बाद भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित कर दिया गया।