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मध्य प्रदेश: दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर तीन चपरासी बर्खास्त
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 03 Jul 2016 03:01 PM IST
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मध्य प्रदेश के दामोह में 3 सरकारी कर्मचारियों को राज्य में लागू दो बच्चों के नियम का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया है। ये तीनों सरकारी कर्मचारी दामोह जिला अदालत में चपरासी पद पर नियुक्त थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों कर्मचारियों के खिलाफ पिछले एक साल से विभागीय जांच चल रही थी। इस जांच में कर्मचारियों को मध्य प्रदेश लोक सेवा नियम, 1961 की धारा 6 (6) के उल्लघंन का दोषी पाया गया। इस नियम में साल 2000 में हुए एक संसोधन के मुताबिक मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अधिकतम दो बच्चे ही पैदा कर सकते हैं। इस नियम का हवाला देते हुए अदालत ने चंदा ठाकुर, कल्याण सिंह ठाकुर और लालचंद बर्मन को बर्खास्त करने का आदेश दे दिया।
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों कर्मचारियों के खिलाफ पिछले एक साल से विभागीय जांच चल रही थी। इस जांच में कर्मचारियों को मध्य प्रदेश लोक सेवा नियम, 1961 की धारा 6 (6) के उल्लघंन का दोषी पाया गया। इस नियम में साल 2000 में हुए एक संसोधन के मुताबिक मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अधिकतम दो बच्चे ही पैदा कर सकते हैं। इस नियम का हवाला देते हुए अदालत ने चंदा ठाकुर, कल्याण सिंह ठाकुर और लालचंद बर्मन को बर्खास्त करने का आदेश दे दिया।
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पूरे प्रदेश में हो ऐसी जांच
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों ने पूरे राज्य में इस तरह की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल हम लोग ही क्यों? इस तरह की जांच अगर पूरे प्रदेश में हुई तो आपको पता चलेगा कि लाखों सरकारी कर्मचारी इस नियम का उल्लघंन करने के दोषी हैं। ये तीनों कर्मचारी उच्च न्यायालय में अब इस फैसले के खिलाफ अपील करने वाले है।
दोषी पाए जाने के बाद तीनों कर्मचारियों को 19 दिसंबर 2015 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें उनसे 15 दिन के अंदर जबाब देने को कहा गया था। अपने जबाब में तीनों कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इस कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक राज्य के 11 अन्य चपरासियों के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।
Published by- Vikrant Singh
दोषी पाए जाने के बाद तीनों कर्मचारियों को 19 दिसंबर 2015 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें उनसे 15 दिन के अंदर जबाब देने को कहा गया था। अपने जबाब में तीनों कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इस कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक राज्य के 11 अन्य चपरासियों के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।
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