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गुजरात: हत्या के जुर्म में तीन शेरों को उम्रकैद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 15 Jun 2016 08:08 PM IST
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- फोटो : ANI
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गुजरात में गिर के जगंलों में इंसान का शिकार करने के शक में पकड़े गए 18 शेरों में से तीन दोषी पाए गए हैं। इन तीनों शेरों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इन सभी शेरों को अपनी कैद चिड़िया घर में काटनी होगी। इनमें से एक बूढ़ा शेर है जिसे जूनागढ़ के सक्करबाग चिड़ियाघर में भेजा जाएगा जबकि दो और शेरों के बर्ताव पर निगरानी रखी जाएगी।
दरअसल गीर के जंगलों से सटे गांवों में लोग में शेर का भय इतना बढ़ गया था कि पिछले दो महीनों से वो दिन में भी घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे। पिछले दो महीनों में शेरों के इंसानों पर हमले की 6 वारदातें हुई थीं। शेर दो पुरुषों और एक महिला को मारकर खा गए थे।
हाल में वन विभान के 18 शेरों को पकड़ने के बाद गांववाले राहत की सांस ली थी।
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दरअसल गीर के जंगलों से सटे गांवों में लोग में शेर का भय इतना बढ़ गया था कि पिछले दो महीनों से वो दिन में भी घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे। पिछले दो महीनों में शेरों के इंसानों पर हमले की 6 वारदातें हुई थीं। शेर दो पुरुषों और एक महिला को मारकर खा गए थे।
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हाल में वन विभान के 18 शेरों को पकड़ने के बाद गांववाले राहत की सांस ली थी।
क्या कहता है वन विभाग का नियम
वन विभाग ने आरोपी शेरों का पता लगाने के लिए इन 18 शेरों के पंजों और मल की जांच की गई थी और अब इनमें से दोषी पाए गए तीन शेरों को जूनागढ़ के सक्करबाग चिडियाघर में भेजा जाएगा। बाकी शेरों को जंगल में छोड़ दिया जायेगा।
वन विभाग के नियमों के अनुसार जंगल में बसने वाला शेर अगर इंसान का शिकार करता है, तो उससे जंगल में रहने का अधिकार छीन लिया जाता है।
बाकी दो 'दोषी' शेरों की आयु दो से चार साल के बीच की है। उन्हें केरिंग हाउस में रखा जाएगा, जहां उनके व्यवहार पर निगरानी रखी जाएगी। दोषी पाए गए शेर को पिंजडे में बंद रखा जाता है क्योंकि एक बार इंसान का मांस खाने वाले शेरों को जंगल में नहीं छोड सकते हैं।
वन विभाग के नियमों के अनुसार जंगल में बसने वाला शेर अगर इंसान का शिकार करता है, तो उससे जंगल में रहने का अधिकार छीन लिया जाता है।
बाकी दो 'दोषी' शेरों की आयु दो से चार साल के बीच की है। उन्हें केरिंग हाउस में रखा जाएगा, जहां उनके व्यवहार पर निगरानी रखी जाएगी। दोषी पाए गए शेर को पिंजडे में बंद रखा जाता है क्योंकि एक बार इंसान का मांस खाने वाले शेरों को जंगल में नहीं छोड सकते हैं।