लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा बोलीं, 'आज गोपनीयता और सुरक्षा का कोई मानक नहीं है'
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में आधार और अन्य कानूनी (संशोधन) बिलों पर कहा है कि आज गोपनीयता और सुरक्षा का कोई मानक नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं अपनी बयोमेट्रिक जानकारी, मेरा निजी डाटा एक निजी एजेंसी को देती हूं। अगर आधार इकोसिस्टम फेल हो जाता है तो आप कहेंगे इसे ठीक करने के कई तरीके हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वो क्या हैं। इसका कहीं उल्लेख भी नहीं है।"
उन्होंने कहा, "आज गोपनीयता और सुरक्षा का कोई मानक नहीं है। कोई डाटा सुरक्षा अधिनियम नहीं है। डाटा सुरक्षा अधिनियम के ना होने पर आप कैसे मुझसे मेरी जानकारी निजी एजेंसी को देने को कह सकते हैं?"
Mahua Moitra, TMC in LS on Aadhaar&Other Laws (Amendment) Bill,'19: I'm giving up my bio-metric data, my most personal data to a pvt agency. If Aadhar ecosystem fails you're saying that there are viable means to recourse but I don't know what they are. They haven't been specified pic.twitter.com/4pLl3iIQaC
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 4, 2019
बता दें मोइत्रा का “फासीवाद के सात चिन्ह” विषय पर संसद में पिछले हफ्ते दिया गया भाषण वायरल हो गया था। पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से पहली बार चुनकर आईं सांसद ने इससे पहले कहा था कि लेख ने उसी पोस्टर को उद्धृत किया है जिसका संदर्भ उन्होंने अपने बयान में दिया है। मोइत्रा ने कहा कि मेरा बयान दिल से था और हर भारतीय जिसने इसे साझा किया उसने अपने दिल से ऐसा किया।
यह स्वाभाविक था न कि कृत्रिम रूप से नियंत्रित। मैं फिर दोहराती हूं कि ‘बांधने मुझे तू आया है, जंजीर बड़ी क्या लाया है ? पूर्व निवेश बैंकर 42 वर्षीय सांसद का 25 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा था।