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क्या भारत की पहचान पर मंडरा रहा खतरा!

Sat, 01 Dec 2018 07:29 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Dec 2018 07:29 AM IST
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There is a threat identity of India
BJP - फोटो : BJP

वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली से बहुत से लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। संदेह इस बात का कि कहीं सरकार और सत्ताधारी दल भारत की उस पहचान के साथ छेड़छाड़ तो नहीं कर रहा है जो अब तक इसकी पहचान बना रहा है। इस वर्ग के मन में यह सवाल पैदा होने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण तो यह है कि अपने कामकाज की प्रणाली में वह कई बार ऐसे तरीके इस्तेमाल कर रही है जो परम्परागत तरीके नहीं रहे हैं।  चाहे रिजर्व बैंक के साथ टकराव की स्थिति का मामला रहा हो या सीबीआई में अधिकारियों के बीच विवाद का, चाहे नोटबंदी जैसा कदम रहा हो या चाहे फौज के राजनीतिक इस्तेमाल का, इस सरकार ने हमेशा ऐसे कदम उठाये हैं जिससे इन संस्थाओं की साख को चोट पहुंची है। 

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कुछ इसी तरह के विचार आल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की उस बैठक में व्यक्त किये गये जो शुक्रवार की शाम को दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी जैसे बड़े फैसले को सरकार ने बिना इसके प्रभावों का अध्ययन किये, बिना पूरी तैयारी के किया। इससे देश की आर्थिक स्थिति खतरे में पड़ गयी। इसने न सिर्फ छोटे-मंझोले व्यापार को नष्ट किया बल्कि किसानों की कमर तोड़ दी। सांप्रदायिक विचारधारा को बढ़ावा देकर सत्ताधारी दल ने इस देश की उस तहजीब को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है जो हजारों सालों से भारत की पहचान रहा है।

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पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार हर कदम पर स्वायत्तशासी संस्थाओं की साख को चोट पहुंचा रही है। प्रमुख संस्थाओं को चलाने के लिए प्रोफेशनल्स की जगह एक पार्टी की विचारधारा के लोग भरे जा रहे हैं। इससे देश के उन निकायों की पहचान खतरे में पड़ गई है। हालांकि इन हालातों के बावजूद पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि इस देश की संस्कृति में इतना लचीलापन है कि वह इन खतरों से आसानी से निबट सकती है। उन्होंने कहा कि इस बात में तो कोई दो राय नहीं है कि संस्थाओं की पहचान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है, लेकिन समय आने पर इनकी साख को दुबारा स्थापित कर लिया जाएगा।

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