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जीएसटी बिल को मंजूरी देने वाला महाराष्ट्र देश का नौवां राज्य बना
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:28 PM IST
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बहुचर्चित वस्तु व सेवाकर (जीएसटी) विधेयक सोमवार को महाराष्ट्र विधान मंडल के दोनो सदनों में सर्वसम्मति से पारित हो गया। इसके साथ महाराष्ट्र जीएसटी बिल पारित करने वाला देश का 9वां राज्य बन गया है। विधानसभा और विधान परिषद में जीएसटी बिल को मंजूरी मिलने के बाद आगामी अप्रैल महीने से राज्य में भी जीएसटी लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
सोमवार को महाराष्ट्र विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने जीएसटी विधेयक सदन में पेश किया। उसके बाद इसके लागू होने पर राज्य में होने वाले नफा-नुकसान को लेकर आशंकाएं व्यक्त की गई।
विधानसभा में जीएसटी पर चर्चा का सबसे अहम मुद्दा मुंबई का था। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को प्रतिवर्ष करीब 7 हजार करोड़ रुपये आक्ट्रॉय (चुंगी) से मिलते हैं लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद आक्ट्रॉय हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। मुंबई के पूर्व मेयर व शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने मांग की कि मुंबई के हक की निधि सीधे बीएसमी की तिजोरी में जमा कराने का प्रबंध होना चाहिए जिससे उसे केंद्र या राज्य सरकार से अपनी हिस्सेदारी मांगने की जरूरत न पड़े।
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इस पर मुनगंटीवार ने कहा कि मुंबई के लिए अलग से कानूनी प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की यह आशंका निराधार है कि जीएसटी आने से मुंबई का क्या होगा। मुनगंटीवार ने महंगाई बढ़ने और जीएसटी के बाद दो पावर सेंटर बन जाने की आशंका को भी खारिज किया।
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सोमवार को महाराष्ट्र विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने जीएसटी विधेयक सदन में पेश किया। उसके बाद इसके लागू होने पर राज्य में होने वाले नफा-नुकसान को लेकर आशंकाएं व्यक्त की गई।
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विधानसभा में जीएसटी पर चर्चा का सबसे अहम मुद्दा मुंबई का था। मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को प्रतिवर्ष करीब 7 हजार करोड़ रुपये आक्ट्रॉय (चुंगी) से मिलते हैं लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद आक्ट्रॉय हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। मुंबई के पूर्व मेयर व शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने मांग की कि मुंबई के हक की निधि सीधे बीएसमी की तिजोरी में जमा कराने का प्रबंध होना चाहिए जिससे उसे केंद्र या राज्य सरकार से अपनी हिस्सेदारी मांगने की जरूरत न पड़े।
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इस पर मुनगंटीवार ने कहा कि मुंबई के लिए अलग से कानूनी प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की यह आशंका निराधार है कि जीएसटी आने से मुंबई का क्या होगा। मुनगंटीवार ने महंगाई बढ़ने और जीएसटी के बाद दो पावर सेंटर बन जाने की आशंका को भी खारिज किया।
कांग्रेस है जीएसटी का जनक
GST BILL
राज्य के वित्तमंत्री मुनगंटीवार ने कहा कि जीएसटी से महंगाई कम होगी। इसमें 17 प्रकार के कर समाहित किए जाएंगे। जीएसटी लागू होने से राज्य को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि नुकसान भरपाई के लिए अधिकतम ग्रोथ रेट को मानक बनाया जाएगा।
कांग्रेस है जीएसटी का जनक : विखे पाटिल
विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि जीएसटी बिल की जनक कांग्रेस है। इसलिए बीजेपी को इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए कार्यकाल में यह विधेयक इसलिए पारित नहीं हो सका क्योंकि उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका जमकर विरोध किया था।
साइबर अटैक की आशंका : चव्हाण
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर टैक्स प्रक्रिया का आधुनिकीकरण होगा और कर प्रक्रिया कंप्यूटर व्यवस्था के तहत क्रियान्वित होगी। इस व्यवस्था पर साइबर अटैक होने की आशंका है। इससे निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की कोई तैयारी नहीं है। यदि साइबर अटैक हुआ तो भारत की अर्थव्यवस्था खराब हो सकती है।
कांग्रेस है जीएसटी का जनक : विखे पाटिल
विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि जीएसटी बिल की जनक कांग्रेस है। इसलिए बीजेपी को इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए कार्यकाल में यह विधेयक इसलिए पारित नहीं हो सका क्योंकि उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका जमकर विरोध किया था।
साइबर अटैक की आशंका : चव्हाण
पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि जीएसटी लागू होने पर टैक्स प्रक्रिया का आधुनिकीकरण होगा और कर प्रक्रिया कंप्यूटर व्यवस्था के तहत क्रियान्वित होगी। इस व्यवस्था पर साइबर अटैक होने की आशंका है। इससे निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की कोई तैयारी नहीं है। यदि साइबर अटैक हुआ तो भारत की अर्थव्यवस्था खराब हो सकती है।