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सीवर सफाई में कर्मचारियों की मौत को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सभी राज्यों से की ये मांग 

Sun, 30 Sep 2018 08:19 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 30 Sep 2018 08:19 PM IST
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The National Cleaners Commission said, Manuel Scavenging should be declare as a crime

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने हाल ही में सीवर सफाई में हुई मौतों पर संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों को पत्र लिखा है। आयोग ने अपने पत्र में लापरवाही बरतने वाले सभी स्थानीय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे अपने पत्र में आयोग ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को जीरो टोलरेंस घोषित करते हुए अपराध घोषित करने को कहा है। साथ ही आयोग ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई पर रोक लगाने का आग्रह किया है।

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मैनुअल स्कैवेंजिंग पर स्थानीय अधिकारियों की तरफ से बरती जा रही चूक और लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लेते हुए आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि मैला ढोना निषेध और पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरपर्सन मनहर वालजी भाई जाला ने बताया कि हाल ही में आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य का दौरा किया था। दौरे के दौरान आयोग ने पाया कि जून से लेकर अभी तक सीवर सफाई में 10 लोगों की मौत हुई है। इनमें 10 मौतें दुर्ग, 4 बीजापुर और 5 जैशपुर में हुई हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासन ने इससे पहले हुई मौतों का कोई ब्यौरा अपने पास नहीं रखा है।
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जाला के मुताबिक अब आयोग सभी राज्यों पर नजर रख रहा है और सभी से मौतों से संबंधित दस्तावेज और आंकड़े सुरक्षित रखने को कहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में साल 1993 से अभी तक सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई में 634 लोगों की मौत हो चुकी है। आयोग के अध्यक्ष जाला का कहना है कि छत्तीसगढ़ में हुई मौतों के मामले में स्थानीय प्रशासन ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। जिसके चलते मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट में कोई मुआवजा नहीं दिया जा सका।


अपने पत्र में आयोग ने लिखा है कि हाल ही में पूरे देश में सीवर और सेप्टिक में होने वाली मौतों में अचानक ही बेहतहाशा बढ़ोतरी हुई है। अप्रशिक्षित लोग बिना की सुरक्षा साधनों के सीवर में उतरने को मजबूर हो रहे हैं, जिसके चलते मौतों की संख्या में इजाफा है, जो सरासर मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट का उल्लंघन है।

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