यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के अंदर की कहानी, आप भी जरूर पढ़ें
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ब्याज के मजदूरी के लिए मोदी जी ने निर्धारण समय आठ बजे से आठ बजे तक 24 घंटे फैजाबाद में मोदी जी विधायक बीजेपी ने पांच सिट जीत बीकापुर से 27000 से सोभा सिंह चौहान ने बीजेपी के दिखो...ब्याज दरों में होने चाहिए रुपये दस मोदी जी करण ब्याज पांच रुपये किगो...। ये अजब अंदाज में लिखी लाइनें यूपी बोर्ड बारहवीं के एक छात्र ने ब्याज संबंधी एक सवाल के जवाब में लिखी हैं।
इन दिनों यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है और बरेली में पूर्वांचल के जिलों की कॉपियां चेक होने आई हैं। मूल्यांकन में सवाल के जवाब की जगह छात्रों द्वारा अजब गजब लाइनें लिखी सामने आ रही हैं।
बारहवीं हिंदी के एक छात्र कापी में दो तीन सवाल हल किए और अपना मोबाइल नंबर लिखकर निवेदन किया, सर/मैम इस नंबर पर कॉल जरूर करना। एक छात्रा ने हिंदी के पेपर में सवालों के जवाब कुछ इस तरह लिखे, बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम, कसम चाहें ले लो तुम्हारी कसम। अगले पेज पर छात्रा ने लिखा, मैं बहुत गरीब घर की बेटी हूं, ठीक से पढ़़ नहीं सकी, बड़ी मुश्किल से बारहवीं की परीक्षा दे रहीं हूं, पास जरूर देना।
छात्रा को पचास नंबर में से महज आठ नंबर मिले हैं। बारहवीं फिजिक्स के पेपर में एक छात्र ने लिखा, मैं फेल हो गया तो घर वाले घर से निकाल देंगे, सर केवल पास कर देना। यह कुछ उदाहरण हैं जो शनिवार को बारहवीं के मूल्यांकन में सामने आए।
मोदी पर ही सर्वाधिक निबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू तो पूरे देश पर सिर चढ़कर बोल रहा है, यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के दिलों पर भी मोदी ही मोदी रहा। इसका उदाहरण यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में देखने को मिल रहा है। बारहवीं हिंदी में अधिकतर छात्रों ने नरेंद्र मोदी पर ही निबंध लिखे। इसका एक कारण यह भी है कि निबंध के विकल्प में प्रधानमंत्री पर निबंध लिखना छात्रों को ज्यादा आसान लगा होगा।
तो इस बार अच्छा नहीं आएगा यूपी बोर्ड का परिणाम
प्रदेश का निजाम बदला तो यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सख्ती भी बढ़ गई। उसका असर मूल्यांकन में साफ देखा जा सकता है। बरेली के मूल्यांकन केंद्रों पर इस बार पूर्वांचल के कुछ ऐसे जिलों की कॉपियों आई हैं जो नकल के लिए बदनाम हैं। पर कॉपियों के हाल बता रहे हैं यहां इस बार नकल नहीं हो सकी।
कॉपियों के अधिकतर पेज खाली निकल रहे हैं, कुछ ने तो प्रश्न ही उतार दिए और जवाब नहीं लिखे, कुछ ने दो चार सवाल ही हल किए। हालांकि यह हैं कि हिंदी के पेपर में सात आठ नंबर ही आ रहे हैं। परीक्षकों से मिली जानकारी के अनुसार औसतन 20 से 25 नंबर ही आ रहे हैं।
यही हाल अन्य जिलों का रहा होगा तो इस बार यूपी बोर्ड का परिणाम बहुत अच्छा नहीं रहने वाला। परीक्षकों का कहना है कि वैसे पूर्वांचल के जिलों की कापियां देखकर पता चल जाता था कि यहां नकल कराई गई है। जीआईसी में मूल्यांकन का तीसरा दिन था और 90 फीसदी से ज्यादा अंक वाले एक या दो छात्र ही निकले हैं।