सरकार जल्द लाए टीबी की नई ड्रग्स पॉलिसी: सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को टीबी के रोकथाम और उसके इलाज केलिए नई ड्रग्स पॉलिशी लाने में तत्परता दिखाने केलिए कहा है। शीर्ष अदालत ने सरकार को डेडलाइन को कम करने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने जन स्वास्थ्य से जुड़े इस तरह महत्वपूर्ण मसले पर अधिक इंतजार नहीं करना चाहिए।
वास्तव में केंद्र सरकार की योजना है कि देशभर में टीबी के लिए रोजाना खुराक देने की योजना जून, 2018 तक शुरू हो जाए। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार से कहा कि रोजाना खुराक की योजना को 30 जनवरी तक शुरू होने केलिए कहा है।
पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी) मनिंदर सिंह से कहा कि है हम सैद्धातिक तौर पर आपकेप्रयास से सहमत है कि आप टीबी केमरीजों के लिए हफ्ते में तीन खुराक की बजाए रोजाना खुराक देना चाहते हैं। लेकिन आप कह रहे है कि पहले पुराना स्टॉक खत्म हो जाए इसलिए नई नीति को लागू करने में और समय की जरूरत है।
क्या वजह की नहीं दी जा रही रोजाना खुराक
पीठ ने कहा कि हम यह नहीं समझ पा रहे कि अगर आप उसी ड्रग्स को रोजाना खुराक देना चाह रहे तो इसमें देरी की क्या वजह है। जवाब में मनिंदर सिंह ने कहा है कि पूरे योजना को अमलीजामा पहनाने में वक्त लगेगा। संसाधन जुटाने होंगे। मैनपावर को बढ़ाना होगा।
मंत्रालय केजवाब से असंतुष्टï पीठ ने कहा कि आप पुराने ड्रग्स का ही इस्तेमाल करने वाले हैं। आपके पास डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारी पहले से ही हैं। पीठ ने मंत्रालय से कहा कि वह इस नई नीति को 30 जनवरी तक शुरू करने पर विचार करें। इस पर एएसजी ने सरकार का पक्ष रखने के लिए वक्त देने के लिए कहा। जिसकेबाद सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई।
अदालत हरियाणा केएक डॉक्टर रमन काकर द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता डॉक्टर ने 5300 मरीजों की एक सूची तैयार की है, जिन्हें टीबी का पूरे खुराक दिए गए लेकिन बावजूद इसके उन्हें फिर से टीबी केलक्षण दिखे।