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पैसे नहीं थे तो किसान ने खाट से जोत डाला खेत, पढ़ें पूरी कहानी

Wed, 29 Jun 2016 05:48 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Jun 2016 05:48 PM IST
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The farmer plowed farm by using bed
- फोटो : facebook

हमारे कृषि प्रधान देश में न जानें कितने लोगों ने सूखे के चलते अपनी जान दे दी, लेकिन इस किसान की हिम्मत की दाद देनी होगी। खेत जुतवाने के लिए पैसे नहीं थे तो खाट से ही खेत जोत दिया। कुछ लोग उम्मीद और हिम्मत को कायम रख वो काम कर जातें हैं जो दूसरों के लिए प्रेरणा बन जातें हैं।

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महाराष्ट्र के जलगांव जिले के खिड़की बुद्रूक गांव के एक मेहनती किसान ने खाट की मदद से ही अपना पूरा खेत जोत दिखाया। हालांकि इस खेत का मालिक किसान नहीं है वो किसी और के नाम है, लेकिन ये खेत किसान ने बटाई (किराए) पर लिया था। आप को बता दें कि जिस इलाके में यह किसान रहता है वहां कई साल से सूखा पड़ रहा है। 
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महाराष्ट्र के रहने वाले इस किसान का नाम विठोबा मांडोले है। कई सालों तक विठोबा ने आस-पास के खेतों में मजदूरी की, लेकिन उनका मानना था कि इससे तरक्की नहीं होगी। जिसके चलते उन्होंने खेत किराए पर ले लिया, लेकिन विठोबा के पास इतने पैसे भी नहीं थे जिससे वो औजार या बैल खरीद पाए।
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ऐसे में उसने हिम्मत नहीं हारी और जुगाड़ लगाया। विठोबा ने अपने खाट को ही औजार बना डाला। उन्होंने अपने खाट पर बड़े बोल्डर रख करीबन 3 एकड़ खेत जोत दिये। ये खबर सोशल मीडिया पर जोरों शोरों से वायरल हो रही है।

आने वाले समय में देश के अन्य किसान भी विठोबा मांडोले से प्रेरणा लेंगे

The farmer plowed farm by using bed
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में बढ़ते कर्ज, बर्बाद फसल, जमीन के बंजर होने और अन्य कारणों से हर दिन औसतन 30 किसान मौत को गले लगाते हैं। इस वर्ष मई तक महज 5 महीनों में किसानों की आत्महत्या का आंकड़ा 473 पहुंच गया था।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक लगातार 4 वर्ष के सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे मराठवाड़ा में राज्य सरकार के प्रयासों और सामाजिक संगठनों, गैर सरकारी संगठनों तथा राजनीतिक दलों की अपील के बावजूद किसानों की आत्महत्या का सिलसिलसा थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सबसे अधिक बीड जिले में आत्महत्या के 85 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद नांदेड़ में 74, औरंगाबाद में 72, लातूर और ओस्मानाबाद में 62- 62, जालना में 47, प्रभनी में 44 और हिंगोली जिले में 27 किसानों ने आत्महत्या की। ऐसे में इस किसान की हिम्मत और जांबाजी की चारों ओर सराहना हो रही है।

आने वाले समय में देश के अन्य किसान भी विठोबा मांडोले से प्रेरणा लेंगे।

Published by- Amit kumar
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