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Balamrutham Scheme: रेवंत सरकार का बड़ा फैसला, 12वीं तक मिलेगा फ्री नाश्ता-लंच; क्या बोले सीएम रेवंत रेड्डी?
Tue, 07 Jul 2026 11:21 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:21 PM IST
सार
तेलंगाना सरकार ने नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता और दोपहर के भोजन की योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने 'बालामृतम' प्लांट के उद्घाटन पर इसकी घोषणा की। इसका उद्देश्य गरीब बच्चों को पोषण देना, सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारना और महिलाओं को सशक्त बनाना है।
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ए. रेवंत रेड्डी, सीएम, तेलंगाना
- फोटो : ANI
विस्तार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता और दोपहर के भोजन की योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ने यह बात बालामृतम योजना के एक नए प्लांट का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि यह कदम विकसित और स्वस्थ तेलंगाना बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब बच्चों के माता-पिता को सुबह जल्दी काम पर जाना पड़ता है। इस वजह से माताओं के पास सुबह बच्चों के लिए नाश्ता बनाने का पर्याप्त समय नहीं बचता। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा पर सालाना लगभग 27,000 रुपये खर्च करती है। सरकार सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पढ़ाई के स्तर को निजी कॉर्पोरेट स्कूलों के बराबर बेहतर बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को अच्छी शिक्षा देना है। सरकार शिक्षा पर होने वाले खर्च को एक निवेश मानती है। यह योजनाएं वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए शुरू की जा रही हैं।
ये भी पढ़ें: बारुईपुर मामला: पीड़ित परिवार से मिले मुख्यमंत्री शुभेंदु, प्रगति की समीक्षा की; पुलिस की भूमिका की होगी जांच?
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहती है। सरकार का लक्ष्य साल 2034 तक एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है। बता दें कि बालामृतम तेलंगाना सरकार की एक विशेष योजना है। यह एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के तहत काम करती है। इसके तहत बच्चों को मुफ्त में पोषक तत्वों से भरपूर आहार दिया जाता है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब बच्चों के माता-पिता को सुबह जल्दी काम पर जाना पड़ता है। इस वजह से माताओं के पास सुबह बच्चों के लिए नाश्ता बनाने का पर्याप्त समय नहीं बचता। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
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उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा पर सालाना लगभग 27,000 रुपये खर्च करती है। सरकार सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और पढ़ाई के स्तर को निजी कॉर्पोरेट स्कूलों के बराबर बेहतर बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को अच्छी शिक्षा देना है। सरकार शिक्षा पर होने वाले खर्च को एक निवेश मानती है। यह योजनाएं वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए शुरू की जा रही हैं।
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महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहती है। सरकार का लक्ष्य साल 2034 तक एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है। बता दें कि बालामृतम तेलंगाना सरकार की एक विशेष योजना है। यह एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के तहत काम करती है। इसके तहत बच्चों को मुफ्त में पोषक तत्वों से भरपूर आहार दिया जाता है।