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तन्वी पासपोर्ट मामले में नया मोड़, नियम ताक पर रख बनाया पासपोर्ट, अब नाम-पते की हो सकती है जांच

Sat, 23 Jun 2018 12:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 23 Jun 2018 12:43 PM IST
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 tanvi seth passport case twitter news: passport can be seized
- फोटो : amar ujala

लखनऊ में हिन्दू-मुस्लिम कपल के पासपोर्ट विवाद में अब नया मोड़ आ सकता है। तन्वी सेठ को हाथों-हाथ बिना पुलिस वेरिफिकेशन के पासपोर्ट देने पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तन्वी सेठ के नाम और स्थायी पते को लेकर उठे विवाद के बाद फिर से पूरे मामले की जांच की जा सकती है। 

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तन्वी सेठ के पासपोर्ट मामले में एक ओर जहां ट्रांसफर किए गए अधिकारी के पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है। वहीं एक घंटे में पासपोर्ट जारी करने के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने मामले में चुप्पी साध ली है। वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
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बता दें कि पहली बार ऐसा मामला देखने में आया है कि जब किसी को घंटे भर की भीतर ही बिना पुलिस वेरिफिकेशन के हाथों हाथ पासपोर्ट दिया गया। तन्वी नोएडा में नौकरी कर रही हैं और रहती भी यहीं है। लेकिन तन्वी को लखनऊ में पासपोर्ट दिया गया। जबकि नियम ये है कि आवेदन कर्ता को वहीं का पासपोर्ट जारी किया जाता है जहां वह पिछले 6 महीनों से या उससे ज्यादा से रह रहा हो। नया पासपोर्ट हाथों हाथ नहीं बल्कि डाक से भेजा जाता है। 
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उल्लेखनीय है कि मुस्लिम से शादी के बाद पासपोर्ट बनाने के दौरान नाम को लेकर हुए विवाद के बीच क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने भले ही बगैर सत्यापन के घंटे भर में ही तन्वी सेठ का पासपोर्ट जारी कर दिया हो, पर पोस्ट वेरिफिकेशन में उनका पासपोर्ट जब्त हो सकता है। इसकी आशंका पासपोर्ट अधिकारी भी जता रहे हैं। दरअसल, तन्वी नोएडा में रहते हुए पासपोर्ट में लखनऊ का पता दिया है।

अफसरों के अनुसार क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विशेषाधिकार का प्रयोग कर पोस्ट वेरीफिकेशन क्लॉज के तहत पासपोर्ट जारी कर सकता है। लेकिन, इसके बाद पूरा दारोमदार पुलिस के सत्यापन पर टिका हुआ है। अफसरों के अनुसार आवेदन के समय वहां का एड्रेस देना होता है, जहां वह वर्तमान में रह रहा हो। साथ ही स्थायी पता भी दिया जाता है। ऐसे में जब तन्वी नोएडा में रह रही हैं तो लखनऊ का पता देना गलत है। दूसरे, पता बदलने पर धारक के लिए पासपोर्ट में पता बदलवाना अनिवार्य है। यही नहीं, उन्होंने नाम बदले जाने के बाबत सही जानकारी तक दर्ज नहीं कराई है।


यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि तन्वी और उनके पति अनस बुधवार को पासपोर्ट बनवाने गए थे। सीनियर सुपरिटेंडेंट विकास मिश्र ने तन्वी के निकाहनामे व अन्य दस्तावेज पर सवाल उठाए थे। इसे लेकर दोनों में बहस हुई। तन्वी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से ट्वीटर पर इसकी शिकायत की थी कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने घंटे भर में तन्वी का पासपोर्ट बनवाकर दे दिया था।

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