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मुजफ्फरपुर कांड: स्वाती मालीवाल ने नीतीश को लिखा खत, कहा- आपकी बेटी होती, तब भी एक्शन नहीं लेते?

Sat, 04 Aug 2018 04:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Aug 2018 04:27 PM IST
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Swati maliwal attacks through letter on nitish kumar on muzaffarpur case

'नीतीश सर, आपकी कोई बेटी नहीं है पर मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि अगर उन 34 लड़कियों में से एक भी आपकी बेटी होती, तो भी आप किसी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेते? आपके इस एक कर्म से आपने इस देश की करोड़ों महिलाओं और बच्चियों में अपनी इज्जत खोई है।' नीतीश कुमार पर यह करारा हमला दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने बोला है। उन्होंने नीतीश कुमार को दो पन्नों का एक मार्मिक खत लिखा है, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार पर सवालों की बौछार की है।

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उन्होंने लिखा है 'नीतीश सर, आज फिर मैं रात में ठीक तरह से सो नहीं पाई। मुजफ्फरपुर के बालिका गृह की बेटियों की चीखें मुझे पिछले कई दिनों से सोने नहीं देतीं। उनके दर्द के सामने पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है। मैं चाह कर भी उस दर्द को अपने आप से अलग नहीं कर पा रही हूं और इसलिए आपको यह पत्र लिख रही हूं। मैं जानती हूं कि बिहार मेरे कार्यक्षेत्र में नहीं आता है, देश की एक महिला होने के नाते मैं यह पत्र लिख रही हूं। आशा है आप मेरा यह पत्र जरूर पढ़ेंगे।'
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स्वाती मालीवाल ने आगे लिखा है 'मुजफ्फरपुर के बालिका गृह की कहानी शायद इस दुनिया की सबसे भयावह कहानियों में से एक है। यहां कम से कम 34 लड़कियों के साथ बार-बार रेप किया गया और कुछ का मर्डर करके बालिका गृह में ही दफना दिया गया। लड़कियां सिर्फ सात से 14 साल की थीं और अधिकतर अनाथ थीं। उन्होंने बताया कि किस तरह 'एनजीओ' का मालिक ब्रजेश ठाकुर नाम का हैवान एवं कई अफसर और नेता रोज रात में आकर उनके साथ रेप करते थे। ब्रजेश ठाकुर को वो 'हंटरवाला अंकल' कहती थीं जो हर रात लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाता था। छोटी सी दस साल की मासूम ने बताया है कि कैसे उसे ड्रग्स देकर रोज रात ब्रजेश ठाकुर उसके साथ रेप करता था। लड़कियां शेल्टर हाउस में रात होते ही कांपने लग जाती थीं, क्योंकि उन्हें पता था कि उनके साथ रात में अत्याचार होगा।'
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अपने खत में उन्होंने नीतीश कुमार से कई तरह के सवाल भी पूछे हैं। उनके द्वारा पूछे गए सवालों की सूची हम आपको क्रमानुसार दिखा रहे हैं-

सवाल नंबर-1. जिस सरकार द्वारा बच्चियों को न्याय नहीं मिला, क्या वह सरकार उनका अब ख्याल रखने में सक्षम है?

सवाल नंबर-2. क्या वो लड़कियां अभी भी किसी बालिका गृह में घुट रही हैं या कम से कम अब उनके बेहतर भविष्य के लिए कोई कार्य हो रहा है?

सवाल नंबर-3. क्या उनको एक अच्छे स्कूल भेजा जाना शुरू हो गया है?
   
सवाल नंबर-4. क्या उनके खाने-पीने, खेलने-कूदने के बेहतर प्रबंध हुए हैं?
 
सवाल नंबर-5. क्या उनको अपने भयानक कल से लड़ने के लिए मनोचिकित्सक की मदद दी जा रही है?

सवाल नंबर-6. क्या उनका स्वास्थ्य अब बेहतर है?

सवाल नंबर-7. क्या उनके आसपास का वातावरण अब सुरक्षित और खुशहाल है?

सवाल नंबर-8. क्या उनको अपने बयान बदलने के लिए कोई दबाव तो नहीं बना रहा?

स्वाती मालीवाल की इस दो पन्नों की चिट्ठी को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर शेयर किया है और पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल द्वारा लिखे पत्र का जवाब देने की हिम्मत है? उन्होंने अपने ट्विट में लिखा है 'चाचा जी, मुजफ्फरपुर कांड राष्ट्रीय शर्म का विषय है। ऐसे जघन्य जन बलात्कार कांड पर आपकी आपराधिक चुप्पी सिहरन पैदा करती है।'

हालांकि बाद में नीतीश कुमार ने आखिरकार इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई की हम शर्मसार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है और उच्च न्यायालय इस मामले की मॉनिटरिंग करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस मामले में किसी के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सजा मिलेगी।
 


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