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किसानों का धैर्य टूटा तो होंगे घातक परिणाम, केंद्र सरकार होगी जिम्मेदारः स्वामी आर्यवेश
Wed, 09 Dec 2020 10:39 PM IST
गौरव पाण्डेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 09 Dec 2020 10:39 PM IST
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किसान आंदोलन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में किसानों को 'राजाओं का राजा' कहकर संबोधित किया है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यह राजाओं का राजा आज अपने ही अधिकारों को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उसकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। किसान अपनी खेती और भूमि बचाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह किसानों के मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान करे।
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यह कहना है आर्य समाज के नेता स्वामी आर्यवेश का। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि पूरे देश को खाद्यान्न, फल-सब्जी, दूध की आपूर्ति करने वाला किसान स्वयं आज भूखा रहकर सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर है। अगर उसकी यही स्थिति लंबे समय बनी रहेगी तो इसका नुकसान उसके साथ-साथ पूरे देश को उठाना पड़ सकता है। इसलिए सरकार बिना देर किए जल्द से जल्द किसानों का मुद्दा सुलझाए।
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उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे पर कोई समाधान न निकलने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह किसी बड़ी अप्रिय घटना को जन्म देने का कारण भी बन सकता है। ऐसी कोई स्थिति न आए, इसके लिए समय रहते सरकार को किसानों की मांग मान लेनी चाहिए और तीनों विवादित कानूनों को वापस ले लेना चाहिए।
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