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एक लाख दो, तुम्हारे पक्ष में लगा दूंगा रिपोर्ट

Sat, 14 May 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर Updated Sat, 14 May 2016 02:26 AM IST
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surveyor of BJP creates fake report in just one lakhs
स्टिंग ऑपरेशन - फोटो : up.org

पीएमओ कार्यालय से सर्वे कराने की बात कहकर तमाम भाजपा नेताओं को अपने जाल में फंसाने वाला प्रताप नामक एक व्यक्ति पार्टी का टिकट एक लाख रुपये में दिलाने का दावा कर रहा है। ‘अमर उजाला’ के रिपोर्टर ने जब एक  विधानसभा प्रत्याशी बनकर उससे टिकट की मांग की तो काफी देर तक इधर-उधर की बात करने के बाद वह इस पर तैयार हुआ कि एक  लाख रुपये देने पर वह उसके पक्ष में सर्वे रिपोर्ट लगा देगा।

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पार्टी किसी को भी टिकट उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही देगी। सर्वेयर की मानें तो उसे पूर्वांचल की 153 सीटों की रिपोर्ट देनी है। अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। उसकी टीम में आठ लोग हैं। सहमति पत्र पर सभी के हस्ताक्षर होते हैं, पर उसका दस्तखत सबसे अंत में होता है। इस रिपोर्टर के फोन करने पर उसने पांच मिनट बाद रिंग बैक करने को कहा। थोड़ी देर बाद उसका फोन आ गया। प्रस्तुत है उससे हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
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रिपोर्टर : सर नमस्ते, गोरखपुर से बोल रहा हूं।
सर्वेयर : मेरा फोन नंबर किसने दिया आप को?
रिपोर्टर : कुशीनगर जिले के एक प्रमुख ने।
सर्वेयर : किस विधानसभा से टिकट मांग रहे हैं?
रिपोर्टर:  चौरी चौरा से।
सर्वेयर : पिछला चुनाव आप लड़े थे क्या?
रिपोर्टर: नहीं, मैं नहीं। वह दूसरे थे। 
सर्वेयर: नेताओं में किससे मिले हैं?
रिपोर्टर: योगी आदित्यनाथ व डा. रमापति त्रिपाठी से।
सर्वेयर : क्या कहा उन लोगों ने?
रिपोर्टर: कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

क्या हुआ आगे?

surveyor of BJP creates fake report in just one lakhs
mobile

सर्वेयर : ये लोग कैसे दिलाएंगे टिकट, अबकी बार बिना सर्वे रिपोर्ट के कुछ नहीं होगा।
हम पीएमओ से आए हैं। पहले हम भी संघ में ही थे।
रिपोर्टर: हां सर, हमें भी पता है भाजपा में सब कुछ संघ ही तो है।
सर्वेयर : क्या करते हैं?
रिपोर्टर : ठेकेदार हैं। सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी में मेरा काम चलता है।
सर्वेयर : ऊपर से सख्त आदेश है कि किसी नेता से नहीं मिलना है।
रिपोर्टर : सर, जहां कहें वहां आकर मिल लेता हूं।
सर्वेयर : जब तक रिपोर्ट फेवर में नहीं लगेगी, टिकट नहीं मिलेगा।
रिपोर्टर : मुझे पता है, इसी नाते तो आप से मिलना चाह रहा हूं।
सर्वेयर : दो दिन में गोरखपुर की रिपोर्ट जमा करनी है।
रिपोर्टर : मेरे विधानसभा में मेरा नाम है कि नहीं?
सर्वेयर : नाम तो है, पर जब तक 60 प्रतिशत से अधिक की रिपोर्ट नहीं लगेगी तब तक सब बेकार है।
रिपोर्टर : सर, लगा दें। जो कहें आप की सेवा कर दूं।
सर्वेयर : यह बात मोबाइल पर नहीं होगी।
रिपोर्टर : बात हमारे-आप के बीच हो रही है।
सर्वेयर : सात लड़के हैं। सहमति पत्र पर सभी के हस्ताक्षर होते हैं। आप चालाक आदमी हैं समझ लीजिए।
रिपोर्टर : मैं अपने मन से कुछ करूं?
सर्वेयर : महंगाई का जमाना है जान ही रहे हैं आप।
रिपोर्टर : बता दें, चुनाव के खर्चे में उसे भी जोड़ लेंगे।
सर्वेयर : 11 के हिसाब से लड़कों को कर दीजिएगा।
रिपोर्टर : यह तो ठीक ही है। हम सोच रहे थे कि कहीं लाख दो लाख न एक-एक लड़के को कहें।
सर्वेयर : हमारा कुछ अलग से होता है, कुल एक लाख, एक हजार कर दीजिएगा।
रिपोर्ट : ठीक है।
सर्वेयर : हां, एक बात का ध्यान रखिएगा, हुजूम लेकर मत आइएगा। कहां आना है मैं बता दूंगा।

‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद कई भाजपा नेताओं ने फोन कर बताया कि प्रताप ने उनको भी झांसे में लिया था। वह बड़हलगंज में मिलने आया और आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य होने तथा संघ की तरफ से भेजे जाने की बात बताई। ऐसे में उसकी अच्छी खातिरदारी की गई।

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