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सुप्रीम कोर्ट की निचली अदालत को फटकार, कहा- तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों के खिलाफ सुनवाई हो तेज
Mon, 02 Nov 2020 02:18 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 02 Nov 2020 02:18 PM IST
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सुफ्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत से कहा कि वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोपी तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों के खिलाफ दायर मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाएं।
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न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने तब्लीगी जमात के 13 विदेशी सदस्यों को निजामुद्दीन में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए काली सूची में डालने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की और निचली अदालत से इनके मामलों की सुनवाई तेजी से करने को कहा।
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जमात के सदस्यों की ओर से पेश हुई वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि आठ सदस्यों की रिहाई की मांग वाली याचिका पर निचली अदालत में 10 नवंबर को सुनवाई होनी है। वहीं वरिष्ठ वकील सी. यू. सिंह ने कहा कि प्रशासन ने मामले में पुनर्विचार की मांग की है, जिसमें जमात के कुछ सदस्यों को रिहा कर दिया गया है।
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पीठ ने पाया कि अदालत को ऐसी याचिकाओं को तेजी से निपटाना चाहिए। सिंह ने कहा, यह उनके लिए सजा बन गई है, रिहाई के बाद भी पुनर्विचार के लिए आवेदन किया गया है और अब उस पर सुनवाई होगी... उन्हें अपने देश वापस जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने इन विदेशी तब्लीगी सदस्यों की याचिका पर बिहार सरकार से जवाब मांगा था। वे चाहते थे कि उनके मामले राज्य में एक ही अदालत को सौंप दिए जाएं।