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मौत के बाद भी SC ने जयललिता पर की टिप्पणी, जानें आदेश में क्या कहा

Tue, 14 Feb 2017 09:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Feb 2017 09:17 PM IST
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Supreme court verdict against jaylalithaa in DA case
जयललिता - फोटो : getty images
सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता, एआईएडीएमके महासचिव शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को ठोषी ठहराया है। इसके साथ ही शशिकला और उनके दोनों रिश्तेदारों को चार कैद की सजा सुनाई है। 
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जयललिता की मृत्यु होने की वजह से कोर्ट ने उनपर कोई फैसला नहीं सुनाया, लेकिन सख्त टिप्पणियां की। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जयललिता और शशिकला साजिश में शामिल हुईं। पब्लिक सर्वेंट होते हुए भी जयललिता ने आय के ज्ञात स्त्रोंतों से ज्यादा संपत्ति हासिल की। इसे शशिकला ने दूसरे लोगों को बांट दिया। कोर्ट ने कहा कि जयललिता के अकाउंट से शशिकला के अकाउंट में राशि का ट्रांफर यह साबित करता है कि इसमें सभी आरोपियों की सामूहिक भूमिका थी। 
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20 साल पुराना है मामला

Supreme court verdict against jaylalithaa in DA case
शशिकला
कोर्ट ने शशिकला पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ गलत तरीके से जुटाए गए जयललिता के धन को संपत्तियों की खरीददारी में इस्तेमाल की। इसके साथ ही सभी आरोपियोंं ने विक्रेताओं पर दबाव बनाकर बाजार मूल्य से कम दाम  पर संपत्तियों को खरीदा।

कोर्ट ने कहा कि शशिकला और उनके रिश्तेदार पोस गार्डेन में किसी परोपकार की भावना के तहत नहीं ठहरे थे। इसके पीछे जयललिता की संपत्ति पर नियंत्रण करने की साजिश ही थी। बताते चलें कि आय से अधिक संपत्ति का यह मामला साल 1990 से 96 के बीच का है। जयललिता, शशिकला और दो रिश्तेदारों पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने 66 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति जुटाई। 
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