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Supreme Court: डॉक्टरों व अस्पतालों पर हमले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सोमवार को सुनवाई

Sat, 03 Sep 2022 03:00 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 03 Sep 2022 03:00 PM IST
सार

वकील स्नेहा कलिता के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह के हमलों और मौखिक दुर्व्यवहार की घटनाओं में  वृद्धि हुई है। भीड़ द्वारा किए गए हमलों की वजह से डॉक्टरों या स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। 

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Supreme Court to hear plea on violence against doctors
डॉक्टरों व अस्पतालों पर हमले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका - फोटो : Social media

विस्तार

देश में डॉक्टरों, अस्पतालों व अन्य चिकित्सा केंद्रों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगी। याचिका में मांग की गई है कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे डॉक्टरों व अस्पतालों पर मरीजों व उनके परिजनों द्वारा हमलों को रोकने के प्रबंध करें। 

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न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ इस याचिका की सुनवाई कर सकती है। यह याचिका दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की असम शाखा के अध्यक्ष डॉ सत्यजीत बोरा ने दायर की है। इसमें यह भी मांग की गई है कि हमलों में डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मियों की मौत होने पर मृतक के परिवार को मुआवजा देने के लिए केंद्र व राज्यों को राहत कोष बनाने का भी निर्देश दिया जाए। 
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डॉक्टरों पर हमले बढ़े
वकील स्नेहा कलिता के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह के हमलों और मौखिक दुर्व्यवहार की घटनाओं में  वृद्धि हुई है। भीड़ द्वारा किए गए हमलों की वजह से डॉक्टरों या स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों व नर्स आदि को सरेआम पीट पीटकर मार डालने जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। 
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याचिकाकर्ता केंद्र व राज्य सरकार को उचित दिशा-निर्देश देने की मांग कर रहे हैं ताकि चिकित्सा कर्मियों, पेशेवरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण बने व उनकी सुरक्षा के इंतजाम हो सकें। 


सुरक्षा का कोई ठोस कानून नहीं
याचिका में दावा किया गया है कि देश में अभी कोई ठोस केंद्रीय कानून नहीं है। डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों पर हमलों को रोकने, दोषियों के खिलाफ दंडात्मक और अन्य कड़े उपायों की कोई समग्र व्यवस्था नहीं है। 

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