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'उम्मीद है बुद्धि आएगी': कनॉट प्लेस में कारोबार बंद होने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुआवजे पर क्या दिए आदेश?

Fri, 16 Oct 2026 01:00 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 16 Oct 2026 01:00 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन के चलते कारोबार को गैरकानूनी नुकसान हुआ, तो मुआवजा दिया जा सकता है। सीजेआई सूर्य कांत ने उम्मीद जताई कि सभी समझदारी से काम लेंगे और छोटे दुकानदारों की आजीविका का ध्यान रखेंगे। 

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Supreme Court takes stern stance over closure businesses in Connaught Place; why did it reprimand the NDMC?
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से घोषित 'तिरंगा विरोध प्रदर्शन' के कारण दिल्ली के कनॉट प्लेस को बंद करने से कारोबार का कोई गैर-कानूनी नुकसान होता है, तो कोर्ट अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।

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पीठ ने क्या कहा? 
याचिका को सूचीबद्ध करने के अनुरोध पर, मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि अगर नई दिल्ली नगर निगम की ओर से लगाई गई पाबंदी जरूरत से ज्यादा (अनुचित) पाई जाती है, तो कोर्ट मुआवजे के लिए तय किए गए सिद्धांतों के अनुसार कार्रवाई करेगा।
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अगली सुनवाई कब होगी? 
अदालत दशहरा की छुट्टियों के बाद, 26/27 अक्तूबर को इस मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गई। वकील जय अनंत देहादराय ने दिल्ली किराना कमिटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका का जिक्र किया। इसमें सेंट्रल पार्क में विरोध प्रदर्शन के आह्वान को लेकर चिंता जताई गई है। उनके अनुसार, इससे रोजाना 200 करोड़ रुपये का व्यापार बाधित होगा। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली नगर निगम ने गुरुवार की रात एक नोटिस जारी करके उस जगह को बंद करने का आदेश दिया है।
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इसके बाद बेंच ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट में पहले से ही इसी तरह के एक मामले की सुनवाई चल रही है। हालांकि, वकील ने दावा किया कि यह मामला अलग है। जस्टिस बागची ने कहा, 'यह अलग नहीं है। ये सब आपस में जुड़े हुए हैं। कोई विरोध प्रदर्शन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है, कोई कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है।ये सब एक-दूसरे से जुड़े हैं।'

छोटे दुकानदार को लेकर क्या कहा? 
इसके बाद वकील ने कहा कि चूंकि त्योहारों का सीजन आने वाला है, इसलिए जगह घिरने से कारोबार को भारी नुकसान होगा। सीजेआई सूर्य कांत ने यह भी कहा कि व्यापार में रुकावट आने से कई परिवारों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। सीजेआई सूर्य कांत ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि सभी लोग समझदारी से काम लेंगे। हम जानते हैं कि छोटे दुकानदार इन्हीं दिनों में अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। हमें पता है कि पूरे परिवारों को किन मुश्किलों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।'

मुआवजे पर कोर्ट ने क्या कहा? 
इसके साथ ही जस्टिस बागजी ने कहा, 'अगर कारोबार का नुकसान होता है। हम यह पाते हैं कि आपके क्लाइंट्स के लिए यह गैर-कानूनी है, तो हम 'कॉन्स्टिट्यूशनल टॉर्ट' अधिकार क्षेत्र के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे। जब वह स्थिति  आएगी। तब उस पर विचार किया जाएगा।'


जब वकील ने इस बात पर जोर दिया कि एनडीएमसी के नोटिस से सेंट्रल दिल्ली में पूरा कारोबार बंद हो जाएगा, तो जस्टिस बागजी ने फिर कहा, 'अगर हमें लगता है कि एनडीएमसी का आदेश जरूरत से ज्यादा सख्त पाबंदी है, तो जैसा कि हमने पहले ही कहा है इस कोर्ट के पास मुआवजा और सार्वजनिक कानून के तहत काफी अधिरार क्षेत्र मौजूद है। हम कार्रवाई करेंगे। 

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