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Coca-Cola Bottler Moon Beverages: मून बेवरेजेज को सुप्रीम कोर्ट से राहत, एनजीटी के आदेश पर लगाई रोक
Tue, 24 May 2022 03:03 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 24 May 2022 03:03 PM IST
सार
एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा स्थित मून बेवरेजेज लिमिटेड पर 1.85 करोड़ रुपये, मून बेवरेज लिमिटेड की साहिबाबाद इकाई पर 13.24 करोड़ रुपये और वरुण बेवरेजेज लिमिटेड पर 9.71 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोला-कोला की भारत में मुख्य बॉटलर कंपनी मून बवेरेजज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष न्यायालय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें मून बेवरेजेज को अवैध तरीके से पर्यावरण दोहन के लिए दोषी माना गया था। एनजीटी ने अपने एक आदेश में कंपनी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
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न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने मून बेवरेजेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश के संचालन पर रोक रहेगी।
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अलग-अलग प्लांट पर लगाया था जुर्माना
जानकारी के मुताबिक, एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा स्थित मून बेवरेजेज लिमिटेड पर 1.85 करोड़ रुपये, मून बेवरेज लिमिटेड की साहिबाबाद इकाई पर 13.24 करोड़ रुपये और वरुण बेवरेजेज लिमिटेड पर 9.71 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया था। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था, कंपनियों को लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के साथ एनओसी की मियाद खत्म होने के बाद भी भूजन दोहन का दोषी पाया गया था।
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समिति का भी किया था गठन
एनजीटी ने इस दौरान उत्तर प्रदेश में भूजन दोहन का सर्वे करने के लिए एक संयुक्त समिति का भी गठन किया था। इसमें पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, सीजीडब्ल्यूए, यूपीजीडब्ल्यूडी और संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट शामिल थे। एनजीटी ने कहा था कि यह समिति दो महीने के भीतर एक योजना तैयार करेगी औ अगले छह महीनों में उस पर अमल करके अपनी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपेगी।