{"_id":"5774d30d4f1c1b454879b0f6","slug":"supreme-court-says-gay-lesbian-bisexual-do-not-come-under-the-third-gender","type":"story","status":"publish","title_hn":"किन्नरों की श्रेणी में नहीं आते समलैंगिक: सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
किन्नरों की श्रेणी में नहीं आते समलैंगिक: सुप्रीम कोर्ट
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:57 PM IST
विज्ञापन
'केवल किन्नर ही तीसरे जेंडर में'
- फोटो : getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किन्नरों की श्रेणी में समलैंगिकों को नहीं रखा जा सकता, ये कहना है देश की सर्वोच्च अदालत का। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार केवल किन्नर ही तीसरे लिंग की श्रेणी में रखे जा सकते हैं, इसके अलावा गे, लेस्बियन और समलैंगिक लोग को इस श्रेणी में नहीं आते हैं।
विज्ञापन
लंबे समय से इस बात पर बहस चल रही है कि समलैंगिकों को उनके व्यवहार और आदतों के कारण किन्नरों की श्रेणी में रखा जाए।
इससे पहले ऐतिहासिक फैसले में देश की सर्वोच्च अदालत ने किन्नरों को तीसरे लिंग की श्रेणी का दर्जा पहले ही दे दिया था, जिसके बाद किन्नरों को समाज में एक अलग पहचान मिली और नौकरियों के आवेदन पत्रों में भी तीसरे लिंग का विकल्प आने लगा।
विज्ञापन