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निजी सुरक्षा एजेंसियों पर भी लागू होते हैं ईपीएफ के प्रावधान : सुप्रीम कोर्ट
Thu, 03 Dec 2020 03:51 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 03 Dec 2020 03:51 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अधिनियम के प्रावधान लोगों को सुरक्षा प्रदान करने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियां पर भी लागू होते हैं।
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जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने एक निजी सुरक्षा एजेंसी की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही है। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता कंपनी एक विशिष्ट और विशेषज्ञ सेवाओं में जुड़ी हुई है और भुगतान के आधार पर अपने क्लाइंट को प्रशिक्षित और कुशल सुरक्षा गार्ड की सेवा मुहैया कराती है।
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पीठ ने कंपनी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वह केवल चौकीदार की सुविधा उपलब्ध कराती है। पीठ ने कहा कि निजी सुरक्षा एजेंसियां (विनियमन) 2005 स्पष्ट रूप से कहता है कि कंपनी वह है जो सुरक्षा गार्ड का नियोक्ता हो और उसके द्वारा पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है।
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महज इसलिए कि क्लाइंट, अपीलकर्ता को एक अनुबंध के तहत पैसे का भुगतान करता है और बदले में अपीलकर्ता ऐसे सुरक्षा गार्डों को पारिश्रमिक देता है, सुरक्षा गार्ड का नियोक्ता क्लाइंट हो जाता है और न ही सुरक्षा गार्ड, क्लाइंट का कर्मचारी हो जाता है।
शीर्ष अदालत ने कहा है कि ईपीएफ अधिनियम के प्रावधान निजी सुरक्षा एजेंसी पर भी लागू होते हैं जो लोगों को विशिष्ट व विशेषज्ञ सेवा के काम में लगी हुई है। शीर्ष अदालत का यह फैसला पैंथर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर आया है।
कंपनी ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें सहायक पीएफ आयुक्त, कानपुर के उस आदेश को सही करार दिया था कि इस कंपनी पर ईपीएफ अधिनियम के प्रावधान लागू होते हैं। कंपनी को 15 दिनों के भीतर वैधानिक बकाया जमा करने के लिए कहा गया था।