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रामलला मसले पर याचिका: सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 06 Apr 2016 04:27 AM IST
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अयोध्या के रामलला के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की गुहार संबंधी भाजपा नेता सुब्रह्ममण्यम स्वामी की याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया है।
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स्वामी ने मंगलवार को चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ केसमक्ष उल्लेख किया कि रामलला केदर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं है, जिस कारण उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्वामी ने पीठ से याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार की लेकिन पीठ ने यह कहते हुए जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया कि आप इस मामले में इंटरवेनर है लिहाजा आपकी याचिका पर सुनवाई अन्य पक्षकारों की याचिकाओं केसाथ होगी।
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स्वामी ने पीठ को बताया कि लंबे समय से यह मामला लंबित है लिहाजा इस मामले की जल्द सुनवाई की जाए। पीठ ने कहा कि अगर सभी प्रभावित पक्ष आएंगे तो आपको भी सुना जाएगा।
मालूम हो कि एक अप्रैल को न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की पीठ ने सुब्रह्मणयम स्वामी की याचिका को लंबित मुख्य मामले (विवादित स्थल) के साथ सुनने का निर्देश दिया था। पीठ ने स्वामी से कहा था कि वह चाहे तो चीफ जस्टिस केसमक्ष अपनी याचिका का उल्लेख कर सकते हैं।
स्वामी का कहना था कि यह रामलला केदर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ा मसला है। इसका मुख्य मामले (अयोध्या विवाद) से कोई लेना देना नहीं है। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं को रामलला केदर्शन के लिए दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
जूते-चप्पल को रखने की व्यवस्था नहीं है। उन्हें कपड़ों के अंदर चप्पल रखना पड़ता है। उनकेलिए पेयजल की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्किंग की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में इस मसले को मुख्य मामले से अलग कर दिया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका विवादित जगह से कोई लेना-देना नहीं है।